कोरबा

कोरबा में “बचपन की टिकट” कार्यक्रम: 5 हजार महिलाओं ने खेल-खेल में फिर जिया बचपन।

“बचपन की टिकट” में लौटी बचपन की मुस्कान — खेल-खेल में लौटा बचपन, मुस्कुराईं दीदियां।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ बचपन की टिकट–चलव दीदी खेल-खेले बर जाबो” कार्यक्रम ने मातृशक्तियों को एक बार फिर उनके सुनहरे बचपन की यादों में लौटा दिया। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित अशोक वाटिका में आयोजित इस भव्य आयोजन में 5 हजार महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पारंपरिक खेलों के माध्यम से अपने बचपन को फिर से जीया। कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, उद्योग मंत्री लखन देवांगन, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर संजू देवी राजपूत, सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य स्वप्निल मिश्रा एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मंच संचालन भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने किया।

*पारंपरिक खेलों में दिखा जोश*

सखी-सहेली महिला समूह के तत्वावधान में आयोजित इस अनोखे कार्यक्रम में प्रवेश द्वार पर पंजीयन और टोकन वितरण की सुव्यवस्था की गई थी। अलग-अलग पंडालों में खेलों का आयोजन हुआ, जहां महिलाओं ने जमकर हिस्सा लिया।खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, रस्सी कूद, कुर्सी दौड़, बोरा दौड़, चम्मच दौड़, जलेबी दौड़ और हौजी — हर खेल ने बचपन की यादें ताजा कर दी।

*छत्तीसगढ़ी स्वाद का भी तड़का*

खेलों के साथ-साथ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भी विशेष आकर्षण रहा। यहां पारंपरिक खेलों के साथ महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया। जलपान और स्वल्पाहार के लिए अलग-  अलग स्टॉल लगाए गए थे , जहां महिलाओं और युवतियों की अच्छी खासी भीड़ नजर आयी।

*महिलाओं को मिला बचपन जीने का मंच – सरोज पांडेय*

इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने कहा कि यह भव्य आयोजन पूरी तरह निःशुल्क रखा गया, जिसका मूल उद्देश्य जिले भर की महिलाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते तनाव के बीच लोग अक्सर अपने मूल स्वभाव और बचपन की मासूम खुशियों को भूल जाते हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को कुछ पल के लिए तनावमुक्त होकर अपने बचपन को फिर से जीने का अवसर देते हैं, साथ ही आपसी जुड़ाव और सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के चेहरे पर झलकती खुशी और उत्साह इस आयोजन की सफलता का स्पष्ट प्रमाण रही।

*खेल-खेल में लौट आया बचपन – गोपाल मोदी*

शहर में आयोजित अनोखे कार्यक्रम ने सचमुच बचपन की यादें ताज़ा कर दीं। खेल, हंसी और मस्ती के बीच मातृशक्तियों ने ऐसा जोश दिखाया कि हर कोई देखता ही रह गया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी भी खुद को रोक नहीं पाए और भावुक अंदाज़ में बोले— आज तो ऐसा लग रहा है मानो कोरबा में बचपन ने फिर से एंट्री मार ली है। उम्र सिर्फ एक संख्या है, असली जोश तो दिल में होता है।कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हंसी-ठिठोली और उत्साह का ऐसा माहौल बना कि पूरा परिसर खुशियों से झूम उठा। गोपाल मोदी ने सखी-सहेली समूह की इस पहल की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम बनते हैं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, अपनापन और जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। यह आयोजन सिर्फ खेलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान और दिल में बचपन की मिठास फिर से भर गया।

*दो आयु वर्ग में बंटी प्रतियोगिता, महिलाओं ने दिखाया शानदार प्रदर्शन*

महिलाओं को खेलों के माध्यम से एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित प्रतियोगिता को दो आयु वर्ग—18 से 25 वर्ष एवं 25 वर्ष से अधिक—में विभाजित किया गया था, ताकि हर उम्र की महिलाएं इसमें भाग लेकर खेलों का भरपूर आनंद उठा सकें। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता है।

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