कोरबा (ट्रैक सिटी)। शहर के एमपी नगर दुर्गा पंडाल के सामने एक दर्दनाक घटना ने इंसानियत और व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। तेज रफ्तार बाइक सवार युवकों ने एक मासूम बछड़े को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सबसे मार्मिक दृश्य यह था कि यह हादसा उसकी माँ गौ माता की आंखों के सामने हुआ, जो अपने बच्चे के पास खड़ी बेबस होकर उसे देखती रही। इस घटना के बाद का विडिओ अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन सवाल यह उठता रहा कि यदि यही हादसा किसी महिला और उसके बच्चे के साथ हुआ होता, तो क्या तब भी केवल शोक जताकर मामला खत्म कर दिया जाता? समाज और व्यवस्था की यही विडंबना है कि गौ माता, नंदी महाराज और उनके मासूम बच्चों की रोज सड़क हादसों में जान जा रही है, लेकिन इसे गंभीरता से लेने वाला कोई नजर नहीं आता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। न तो इनके संरक्षण की समुचित व्यवस्था है और न ही घायल होने पर समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो पाती है। हादसे के बाद अक्सर केवल बयानबाजी और संवेदनाएं व्यक्त की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस पहल दिखाई नहीं देती।
लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर गौ संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करने वाली व्यवस्था ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कर रही है? यदि समय रहते उचित व्यवस्था, गौशाला, चिकित्सा सुविधा और सड़क सुरक्षा के उपाय किए जाएं, तो शायद ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।
घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी संवेदनाएं केवल भाषणों और नारों तक सीमित रह गई हैं?

