कोरबा

29 वर्षीय अंकित सोनवानी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का खुलासा: नशे में विवाद के बाद पत्नी ने पैर में मारा चाकू; अब गिरफ्तार।

कोरबा(ट्रैक सिटी)। मानिकपुर चौकी क्षेत्र की एसईसीएल सुभाष ब्लॉक कॉलोनी में 29 वर्षीय अंकित सोनवानी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि घरेलू विवाद के दौरान अंकित की पत्नी प्रिया सोनवानी ने कथित तौर पर उसके पैर में चाकू मार दिया था। चोट के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से अंकित की हालत बिगड़ गई और निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन अंकित सोनवानी शराब के नशे में घर पहुंचा था और अपने कमरे में चला गया। कमरे में उसकी पत्नी प्रिया भी मौजूद थी। कुछ देर बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान अंकित अचानक गिर पड़ा और उसके पैर में चाकू लग गया। पैर से काफी खून निकलने लगा। पत्नी की आवाज सुनकर अंकित का छोटा भाई आशीष और अन्य रिश्तेदार मौके पर पहुंचे।

परिजन गंभीर हालत में अंकित को एसईसीएल के विभागीय अस्पताल लेकर गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।

पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। घटना वाले दिन भी शराब के नशे में घर पहुंचने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, इसी घरेलू विवाद के दौरान गुस्से में प्रिया ने अंकित के पैर में चाकू मार दिया।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, पैर में चाकू लगने के बाद अंकित के शरीर से काफी मात्रा में खून बह गया था, जिससे उसका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया। मेडिकल जांच में यह भी सामने आया कि अंकित को ऐसी बीमारी थी, जिसमें खून का थक्का बनने में सामान्य से अधिक समय लगता था। इस वजह से चोट लगने के बाद रक्तस्राव और अधिक बढ़ गया और उसकी स्थिति गंभीर हो गई।

पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी प्रिया सोनवानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, घटनाक्रम और साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इस घटना ने घरेलू विवाद के दौरान हिंसा और समय पर उपचार नहीं मिलने के गंभीर परिणामों को भी सामने ला दिया है।

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