कोरबा(ट्रैक सिटी)। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सेवा भारती, कोरबा में राष्ट्रभक्ति एवं उत्साह से परिपूर्ण वातावरण में गरिमामय ध्वजारोहण समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्र के प्रति सम्मान, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चन्द्रकिशोर श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक, यूको बैंक, सदस्य—विद्या भारती मध्य क्षेत्र एवं सचिव—वनांचल शिक्षा सेवा न्यास, रायपुर रहे। वहीं मुख्य वक्ता रामकिशोर श्रीवास्तव जी, सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक एवं वरिष्ठ समाजसेवी, कोरबा रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रध्वज फहराया गया, जिसके पश्चात उपस्थित सभी जनों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया। तिरंगे की आन, बान और शान के बीच गूंजता राष्ट्रगान पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर गया।
‘सेवा ही समाज और राष्ट्र की सच्ची साधना’
मुख्य अतिथि श्री चन्द्रकिशोर श्रीवास्तव जी ने अपने उद्बोधन में सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा केवल किसी जरूरतमंद की सहायता करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना है। उन्होंने समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के बीच निरंतर सेवा कार्यों के माध्यम से सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सेवाभावी कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि सेवा भारती जैसे संगठन समाज में सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। संस्था के कार्यकर्ताओं का निस्वार्थ सेवाभाव समाज के लिए प्रेरणादायी है।
गुमनाम नायकों के बलिदान को किया नमन
मुख्य वक्ता श्री रामकिशोर श्रीवास्तव जी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के उन ज्ञात-अज्ञात एवं गुमनाम वीर नायकों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं, उसके पीछे असंख्य वीरों का संघर्ष, त्याग और बलिदान छिपा है। अनेक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी भी रहे, जिनके नाम इतिहास के पन्नों में भले ही प्रमुखता से दर्ज न हो पाए हों, लेकिन राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका योगदान और बलिदान सदैव अमर रहेगा। उनके त्याग को स्मरण करना और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही उन महान आत्माओं के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता के अमूल्य महत्व को समझते हुए देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और प्रगति के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
देशभक्ति और सेवा भावना से ओत-प्रोत रहा वातावरण
समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों में राष्ट्र के प्रति गौरव एवं समर्पण की भावना दिखाई दी। कार्यक्रम का वातावरण देशभक्ति, उत्साह और सामाजिक सेवा की प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा। उपस्थित जनों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं प्रगति के लिए सदैव समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सेवा भारती के सचिव सुनील जैन एवं कोषाध्यक्ष गोविन्द माधव उपाध्याय सहित करुण सिंह राजपूत, अभिषेक शर्मा, श्रीमती रेखा सिंह, श्रीमती रीता श्रीवास्तव, श्रीमती शोभा अवस्थी, श्रीमती कमल बत्रा, श्रीमती निक्की उपाध्याय एवं श्रीमती प्रीति गुप्ता जी सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता का उत्सव केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने, समाज के प्रति संवेदनशील बनने और सेवा एवं समर्पण के साथ देश के निर्माण में सहभागी बनने का अवसर भी है।

