कोरबा (ट्रैक सिटी)। नगर पालिक निगम कोरबा में निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों ने निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश, कार्यस्थल आवंटन और निर्माण कार्यों के भुगतान से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग की है। ठेकेदारों का कहना है कि पिछले करीब एक वर्ष से उन्हें कई स्तरों पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि पिछले एक वर्ष से ई-निविदाओं और मैनुअल निविदाओं में अनावश्यक कंडिकाएं जोड़ी जा रही हैं। वहीं कार्यादेश जारी होने से लेकर कार्यस्थल उपलब्ध कराने तक भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बिल बनने से लेकर भुगतान होने तक की प्रक्रिया में भी अनेक समस्याएं सामने आ रही हैं।
पत्र में अधोसंरचना, स्वच्छ भारत मिशन 2.0, मरम्मत-संधारण तथा मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न मदों में भुगतान के लिए राशि की उपलब्धता नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है। ठेकेदारों के अनुसार 40:40:20 की व्यवस्था के चलते भुगतान में देरी हो रही है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा रॉयल्टी क्लियरेंस की समस्या और आरोपित दंड को लेकर भी ठेकेदारों ने आपत्ति जताई है। ठेकेदारों का कहना है कि पार्षद निधि वर्ष 2024-25 के तहत किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। कई बार पत्राचार किए जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है, जिसके चलते ठेकेदारों की लाखों रुपये की राशि अटकी हुई है।
ठेकेदारों ने कहा कि भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनके लिए अन्य निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने निविदाओं में लगाई जा रही कंडिकाओं और भुगतान प्रक्रिया में किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की आशंका भी जताई है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।
ठेकेदारों ने निगम आयुक्त से सभी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने और लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि निविदा और भुगतान व्यवस्था में सुधार होने से न केवल ठेकेदारों की परेशानी दूर होगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
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