आवारा पशुओं और जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर ‘आप’ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी घेराव की चेतावनी
कोरबा। आम आदमी पार्टी (यूथ विंग) कोरबा ने जिले में सड़कों पर आवारा पशुओं के जमघट, खराब सड़कों और किसानों की फसल सुरक्षा के गंभीर मुद्दे पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी के यूथ विंग जिलाध्यक्ष आजाद बखश के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नेशनल हाईवे सहित जिले की प्रमुख सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सड़कों के किनारे घटिया मुरुम और पानी से भरे गड्ढों के कारण भी हादसे बढ़ रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि इससे पूर्व 30 जुलाई 2026 को भी इस संदर्भ में पत्र दिया गया था, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इन समस्याओं का निराकरण कर आमजन व किसानों को राहत नहीं दी गई, तो आम आदमी पार्टी कोरबा कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए मजबूर होगी।
‘मवेशी मुक्त’ बोर्ड के नीचे ही बैठे मिले मवेशी, ‘आप’ ने वीडियो बनाकर उजागर की प्रशासनिक लापरवाही
सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुंचे आम आदमी पार्टी (यूथ विंग) के कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ही प्रशासनिक दावों की पोल खोलती हुई तस्वीर देखने को मिली।
कलेक्ट्रेट गेट के ठीक सामने, जहाँ प्रशासन द्वारा ‘मवेशी मुक्त क्षेत्र’ का बोर्ड लगाया गया है, उसी बोर्ड के ठीक नीचे मवेशी बैठे हुए नजर आए। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस पूरे नजारे का वीडियो बना लिया और इसे प्रशासनिक अनदेखी का जीवंत प्रमाण बताया।
पार्टी के आनंद सिंह ठाकुर ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि कागजी दावे और जमीनी हकीकत में कितना बड़ा अंतर है। एक तरफ कलेक्टर कार्यालय के बाहर ‘मवेशी मुक्त’ का बोर्ड लगा है, वहीं दूसरी तरफ उसी बोर्ड की छांव में मवेशी आराम कर रहे हैं। ‘आप’ नेताओं ने कहा कि जब कलेक्ट्रेट गेट का यह हाल है, तो जिले की आम सड़कों और नेशनल हाईवे की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो के जरिए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने की मांग की है।

