कोरबा

बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू, 154 किलोमीटर मार्ग होंगे दुरुस्त

लोक निर्माण विभाग ने 280.05 लाख रुपये किए स्वीकृत, दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य; ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलेगी राहत

कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिले में तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। बारिश के बाद कई प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे और सड़क की ऊपरी सतह खराब होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए विभाग ने जिले में लगभग 154 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर बिटुमिनस टॉप (बीटी) पैच मरम्मत कार्य कराने की तैयारी की है। इसके लिए चार उपसंभागों में कुल 280.05 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। विभाग ने दिसंबर 2026 तक मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

सड़कों की मरम्मत होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों को शहर और मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति सुधरने से आवागमन अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो सकेगा।

चार उपसंभागों में बांटी गई राशि

जिले में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने चार उपसंभागों के अंतर्गत राशि स्वीकृत की है। इसके तहत कटघोरा उपसंभाग क्रमांक-1 के लिए 50 लाख रुपये, कटघोरा उपसंभाग क्रमांक-2 के लिए 50.05 लाख रुपये, कोरबा उपसंभाग के लिए 105 लाख रुपये और भैसमा उपसंभाग के लिए 75 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इस प्रकार कुल 280.05 लाख रुपये यानी लगभग 2.80 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न मार्गों पर बीटी पैच कार्य कराया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद कई कार्यों के कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं और मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है।

प्रमुख मार्गों पर होगा मरम्मत कार्य

लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के कई महत्वपूर्ण मार्गों को मरम्मत योजना में शामिल किया गया है। इनमें उरगा-चांपा, कोरबा, सीपत-बलौदा-हाटी, रामपुर-बेहरचुआ-नोनबिर्रा और कुदमुरा-श्यांग मार्ग प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त पाली-दीपका, तिवरता-लिटियाखार, पुरेना-विजयनगर, कटघोरा-सलोरा, पाली बाईपास, चैतमा बाईपास और कटघोरा बाईपास मार्गों पर भी बीटी पैच कार्य कराया जाएगा।

इसी तरह सुतर्रा-बांकी, बांकी-गजरा, बांकी-भैरोताल, हनुमानगढ़ी पहुंच मार्ग, खैरा डुबान-रामदेई, बक्साही-सीस बाजार, नोनबिर्रा-रतीजा, उड़ता-भाड़कछार, जेमरा-चैतुरगढ़ और नेवसा-जोरहाडबरी मार्गों को भी मरम्मत कार्य में शामिल किया गया है।

इसके अलावा राहा-रावा, पसान-पिपरिया-दुल्लापुर, कोरबी-जलके और जलके-पिपरिया मार्गों पर भी मरम्मत कार्य कराया जाएगा। बिलासपुर-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग के छूटे हुए हिस्से में भी मरम्मत की योजना है। इन कार्यों का उद्देश्य बारिश के कारण खराब हुई सड़क की सतह को दुरुस्त कर लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने तथा सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। स्वीकृति के बाद विभाग ने संबंधित एजेंसियों के माध्यम से कार्य प्रारंभ कराने की प्रक्रिया तेज की है।

लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जी.आर. जांगड़े ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण जिले की कई सड़कें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनकी मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत कर एजेंसियां तय की गई हैं और काम शुरू करा दिया गया है। विभाग का लक्ष्य दिसंबर माह तक संबंधित सड़कों को दुरुस्त करना है। उन्होंने बताया कि कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ग्रामीण और शहरी आवागमन को मिलेगी राहत

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने लोक निर्माण विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत सड़क कार्य शीघ्र शुरू कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिले में सड़कों की मरम्मत पूरी होने के बाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

सड़कों की खराब स्थिति का असर दैनिक यात्रियों के साथ-साथ विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले वाहनों पर भी पड़ता है। ऐसे में मरम्मत कार्य समय पर पूरा होना जरूरी है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं।

कुल मिलाकर, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग की यह पहल जिले की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दिसंबर तक मरम्मत कार्य पूरा होने पर अनेक प्रमुख और ग्रामीण मार्गों पर आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।

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