कोरबा

ग्रीन जोन के नाम पर कपड़ा कारोबारियों को हटाने का आरोप, दीपावली से पहले रोजी-रोटी की चिंता

बुधवारी बाजार के सर्कस मैदान में दशहरा तक दुकान लगाने की मिली थी अनुमति, अब आनंद बाजार में शिफ्ट करने की चर्चा से व्यवसायी परेशान

प्रस्तावित स्थल पर गंदगी और असमतल जमीन का हवाला देकर उठाए सवाल, कारोबार में आर्थिक नुकसान की आशंका जताई

कोरबा (ट्रैक सिटी)। बुधवारी एसईसीएल बाईपास रोड के किनारे कपड़ा व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को ग्रीन जोन विकसित करने के नाम पर हटाए जाने के बाद अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की आशंका है। दशहरा पर्व को देखते हुए इन व्यवसायियों को बुधवारी बाजार स्थित सर्कस मैदान में अस्थायी रूप से दुकानें लगाने की अनुमति दी गई थी। दशहरा समाप्त होने के बाद मैदान खाली होने के बावजूद अब उन्हें आनंद बाजार में शिफ्ट करने की बात सामने आई है। व्यवसायियों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। वहीं, दीपावली के लिए बड़ी रकम लगाकर कपड़ों की खरीदारी करने के बाद बार-बार स्थान बदलने की स्थिति से उन्हें आर्थिक नुकसान होने का डर सता रहा है।

दशहरा तक मिली थी दुकान लगाने की अनुमति

व्यवसायियों के मुताबिक, बुधवारी एसईसीएल बाईपास रोड के किनारे संचालित उनकी दुकानों को हटाए जाने के बाद दशहरा पर्व के दौरान कारोबार जारी रखने के लिए उन्होंने बुधवारी बाजार स्थित सर्कस मैदान में दुकानें लगाने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद उन्हें त्योहार तक अस्थायी रूप से दुकानें संचालित करने की अनुमति दी गई थी।

व्यवसायियों का कहना है कि दशहरा पर्व समाप्त हो चुका है और सर्कस मैदान भी खाली हो गया है। इसके बावजूद उन्हें वहां दुकानें संचालित करने देने के बजाय आनंद बाजार में स्थानांतरित करने की बात कही जा रही है। इससे दुकानदारों के सामने एक बार फिर अपना कारोबार व्यवस्थित करने की समस्या खड़ी हो गई है।

आनंद बाजार में गंदगी और असमतल जमीन की शिकायत

कपड़ा व्यवसायियों ने आनंद बाजार में प्रस्तावित स्थल की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस स्थान पर उन्हें दुकान लगाने के लिए कहा जा रहा है, वहां जमीन समतल नहीं है। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय का सेप्टिक टैंक भर जाने के कारण आसपास गंदगी फैली हुई है। ऐसी स्थिति में दुकानें लगाना और ग्राहकों को बुलाना मुश्किल होगा।

व्यवसायियों के अनुसार, उन्हें पहले जमीन समतल करने के बाद दुकानें लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब पर्याप्त व्यवस्था किए बिना ही वहां शिफ्ट होने के लिए कहा जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक स्थल को व्यवस्थित नहीं किया जाता और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक वहां कारोबार करना व्यावहारिक नहीं है।

दीपावली के लिए लगाई पूंजी, नुकसान की आशंका

व्यवसायियों की सबसे बड़ी चिंता दीपावली के कारोबारी सीजन को लेकर है। उनका कहना है कि परिवार की आजीविका चलाने के लिए उन्होंने बड़ी रकम खर्च कर कपड़ों की खरीदारी की है, ताकि दशहरा और दीपावली के दौरान बिक्री अच्छी हो सके। त्योहारों के समय होने वाली बिक्री से ही उन्हें कारोबार में लगी पूंजी निकालने और परिवार के खर्च पूरे करने की उम्मीद रहती है।

ऐसे में बार-बार दुकानें हटाने और स्थान बदलने की स्थिति बनने से उनका कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यवसायियों को आशंका है कि यदि समय पर व्यवस्थित स्थान नहीं मिला, तो ग्राहकों की आवाजाही कम होने के साथ बिक्री पर भी असर पड़ेगा। इससे कपड़ों की खरीदारी में लगाई गई पूंजी फंस सकती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

व्यापारियों का कहना है कि वे शहर की व्यवस्था बनाए रखने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई के साथ उनके रोजगार और आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। दीपावली जैसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसर से ठीक पहले स्थान को लेकर अनिश्चितता उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठाए सवाल

व्यवसायियों ने नगर निगम की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बुधवारी एसईसीएल बाईपास रोड के किनारे स्थित उनकी दुकानों को तो हटा दिया गया, लेकिन अन्य स्थानों पर कथित अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

व्यवसायियों ने एसईसीएल चौक तक सड़क किनारे हुए अतिक्रमण का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाने की जानकारी मिली थी। उनके अनुसार, नोटिस जारी होने के लगभग एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, नोटिस जारी होने और वर्तमान कार्रवाई की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

उन्होंने स्टेडियम रोड, ट्रांसपोर्ट नगर चौक से पावर हाउस रोड, उषा कंपलेक्स से सीतामढ़ी, पावर हाउस रोड रेलवे क्रॉसिंग से सर्वमंगला जाने के मार्ग और मेगा मार्ट के आसपास की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए भी सवाल उठाया कि यदि सड़क किनारे अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था कार्रवाई का आधार हैं, तो सभी प्रभावित क्षेत्रों में समान रूप से नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है। व्यवसायियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में उनके साथ अधिक सख्ती बरती जा रही है।

व्यवस्थित पुनर्वास की मांग

व्यवसायियों ने मांग की है कि नगर निगम आनंद बाजार में प्रस्तावित स्थल पर पहले साफ-सफाई, भूमि समतलीकरण और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करे। साथ ही, दीपावली तक उनके कारोबार को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए ऐसा स्थान उपलब्ध कराया जाए, जहां ग्राहकों की आवाजाही आसान हो और व्यवसाय प्रभावित न हो।

फिलहाल, इस मामले में नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। यह स्पष्ट होना भी जरूरी है कि आनंद बाजार में दुकानदारों को स्थानांतरित करने की योजना के तहत क्या व्यवस्थाएं की गई हैं और अन्य स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की स्थिति क्या है।

शहर में ग्रीन जोन विकसित करने और यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयासों के साथ प्रभावित छोटे व्यापारियों की आजीविका का सवाल भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि त्योहार के सीजन में उनके कारोबार और परिवार की आय पर अनावश्यक असर न पड़े।

Editor in chief | Website | + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button