गरियाबंद

खाद्य प्रसंस्करण संबंधी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अन्तर्गत एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

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गरियाबंद (ट्रैक सिटी) / केन्द्र सरकार की खाद्य प्रसंस्करण संबंधी महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अन्तर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष, गरियाबन्द में आयोजित किया गया। कार्यशाला में सीएसआईडीसी रायपुर के अधिकारी पुनीत इंगोले ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने लिए व्यक्तिगत, स्व-सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन को योजनान्तर्गत कृषि उत्पाद प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, विपणन और परीक्षण, प्रयोग शालाओं के लिए सहायता दी जायेगी। जिसमें पोहा उद्योग, आचार निर्माण, मसाला निर्माण, बड़ी, पापड़, रेडी टू ईट, टमाटर पर आधारित सॉस, मक्का प्रोसेसिंग गेंहू, बाजरा, कोदो कुटकी, रागी आधारित उत्पाद महुआ प्रसंस्करण, बेकरी प्रोडक्टस, डेयरी उत्पाद पनीर, दही, घी, सेव, नमकीन, पशु आहार, आम का आचार, अदरक पाउडर, महुआ तेल, सोयाबीन तेल एवं अन्य खाद्य उत्पाद के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, कोई न्युनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है, एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति, वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे।

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इस योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पिछले 06 माह का बैक स्टेटमेन्ट, प्रस्तावित कार्य का प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। योजनान्तर्गत व्यक्तिगत श्रेणी में 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी के तहत अधिकतम 10 लाख एवं समूह श्रेणी में 03 करोड़ तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही लाभार्थियों को उत्पाद ईडीपी, ब्राडिंग एवं मार्केटिंग में प्रशिक्षण भी दिए जाने का प्रावधान है। इस दौरान कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रीता यादव, उप संचालक कृषि चंदन राय, अग्रणी बैक प्रबंधक डी.आर.पी, अंत्यावसायी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रश्मि गुप्ता, स्थानीय उद्योगपति के अलावा महिला स्व-सहायता समूह सहित 64 प्रतिभागी उपस्थित थे। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संबंधित विभागों एवं बैकों से इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने व प्रकरण तैयार कर हितग्राहियों को लाभांवित करने की अपील की गई।

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