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जांजगीर-चाँपा

नरवा,गरवा,घुरवा, बाड़ी योजना से कृषक हो रहे लाभान्वित

 

जांजगीर-चांपा / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुराजी गांव योजना अंतर्गत नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी से ग्रामीण क्षेत्रों के कृषक लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार ग्रामीण गारंटी योजना एवं उद्यानिकी विभाग के अभिसरण द्वारा बहुत से कार्य किए गए हैं, जिसका परिणाम अब दिखने लगा है।

जिले के विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम पंचायत पुटपुरा के सरस्वती स्व सहायता समूह को नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के तहत मनरेगा से । अब बाड़ी विकास गौठान के लिए कमाई का नया रिया बन गया है । इनके बाड़ी में लगे भिंडी, मिर्ची, लौकी, बैगन, धनीया, टमाटर, लाल भाजी, गिल्की, बरबटटी, पालक भाजी, आदि सब्जियों का आसानी से उत्पादन हो रहा है। भूमि विकास करने से मिट्टी उपजाऊ हो गई है। जिसके कारण सब्जियों का उत्पादन अच्छा होने लगा है। समूह की महिलाओ और उनका परिवार अपने बाड़ी में काम करते हुए सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं। पास के ही बिरोड़ा बाजार में सब्जी को थोक में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा भी रहे हैं।जिसमें वर्मी खाद का उत्पादन कर सात क्विंटल खाद तैयार करते हुए उसे विक्रय किया गया। इसी तरह वर्तमान में भी वर्मी खाद तैयार करने का सिलसिला जारी है।

उघान माली ने बताया कि ग्रामीण कृषकों को मनरेगा योजना एवं उद्यानिकी विभाग से सीधे लाभान्वित किया जा रहा है समूह के महिलाओ न अपना अनुभव बताते है की बाड़ी विकास योजना से बहुत फायदा मिलने लगा है। सब्जी-भाजी के उत्पादन से पूरा परिवार लाभान्वित हो रहा है, प्रत्येक सप्ताह पास के बिरोड़ा बाजार में सब्जीयों का विक्रय करते है। जिसके एवज में प्रत्येक माह लगभग 5 से 6 हजार रुपये का आमदनी हो रहा है। इन्होनें आगे बताया कि वर्मी खाद भी तैयार कर रहें है जिसके लिए उद्यानिकी विभाग से वर्मी बेड मिला था। वर्मी तैयार करते समय पता चला कि वर्मी बेड को शेड की आवश्यकता है। इसके लिए लकड़ी का ढ़ाचा तैयार किया गया जिससे ढंकने के लिए देशी कुंदल के पौधों को शेड के चारो ओर लगा दिया गया। पौधे नार के रूप में शेड के ऊपर चारों ओर फैल गया और वर्मी खाद को प्राकृतिक छाया देने लगे। इस तरह कुंदरू की फसल भी शेड के सहारे बेहतर तरीके से उत्पादित होने लगा।

ग्रामीण को मिला लाभः सुराजी गांव योजना के तहत पुटपुरा गौठान बाड़ी विकास के कार्य से लाभान्वित किया गया। महात्मा गांधी नरेगा योजना से भूमि समतलीकरण कर सब्जीयों का बीज व किटनाशक उपलब्ध कराये गए। इसका परिण्धाम है कि समूह और उनका परिवार विभिन्न प्रकार की सब्जीयां लगाकर बेहतर मुनाफा कमा रहा है।

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