जांजगीर-चाँपा

पइसा कमाए बर मेहनत लगथे, ओइ हर आगू बढ़थेः  तारन प्रकाश सिन्हा

चौपाल लगाकर कलेक्टर ग्रामीणों को रोजगार से जुड़ने कर रहे प्रेरित

गौठानों में प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर ग्रामीणों को रोजगार देने की पहल होने जा रही है शुरू

जांजगीर-चाम्पा/ आप मन मेहनत के मोल ल समझव, पइसा कमाए बर मेहनत करे बर पड़थे, ओई हर आगू बढ़थे। फोकट म कुछू नई मिलय, बने बुता ल करिहव त, खूब पइसा कमा के अपन पइर म खड़े हो पइहा। हमर काम हे, सरकार के योजना ल बताना अउ आप मन ल समझा के आगू बढ़ाना। आज गांव-गांव म गौठान बन गे, खाली जमीन मन गाय-गरवा के लिए सुरछित हो गे। अब इहां गांव के दाई-दीदी, युवा मन रोजगार पा सकय, ऐकर खातिर आप मन के गांव ल चुने गय हे। गौठान म मसाला, मशरूम, पोहा, आचार, पापड़, बरी सहित अलग-अलग सामान बनाय बर मशीन लग जाही अउ मन लगा के मेहनत करहूं त आप मन ल आगू बढे बर कोई रोक नई सकय। कुछ इसी तरह गांव-गांव के चिन्हित गौठानों में जाकर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ठेठ छत्तीसगढ़ी में गांव की महिलाओं, युवाओं को ग्रामीण औद्योगिक पार्क की विशेषताओं को ही नहीं बल्कि इससे पनपने वाले रोजगार के साधनों को और आत्मनिर्भरता के साथ समृद्धि और खुशहाली की नई संभावनाओं को बताते हुए सबकों आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।


कलेक्टर श्री सिन्हा चाहते हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जिले के गौठानों में रोजगार के साधन विकसित हो। यहां ग्रामीण औद्योगिक पार्क की परिकल्पना साकार होने के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह खुले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ हो। सरकार के इन्हीं लक्ष्यों को आधार मानकर कलेक्टर श्री सिन्हा लगातार गांव के सभी गौठानों का अवलोकन कर रहे हैं। यहां ग्रामीणों, गौठान से जुड़ी स्व सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं से चर्चा करने उनके बीच चौपाल भी लगा रहे हैं। चौपाल में चर्चा के माध्यम से वे सबके मन को टटोलने के साथ गौठानों का चयन रीपा के तहत ग्रामीण औद्योगिक पार्क के लिए भी कर रहे हैं। बुधवार को कलेक्टर श्री सिन्हा ने ग्राम किरारी, जर्वे, पेण्ड्री और पचेड़ा में और गुरूवार को मुलमुला, लोहरसी,गोविंदा जाकर गांव की महिलाओं, युवाओं से प्रत्यक्ष चर्चा की। उन्होंने सबको बताया कि गौठान सिर्फ गाय व गोबर रखने की जगह नहीं है। इस गौठान के जरिए रोजगार और समृद्धि व विकास के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है, इसलिए आपके गांव के गौठान का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि गौठान में मशरूम यूनिट के अलावा, मसाला, बेकरी, आचार, आरओ वाटर, प्रिंटिग, पूजन सामग्री,स्टेशनरी आइटम,बैग निर्माण के अलावा विभिन्न निर्माण सामग्रियों को तैयार करने मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों को विशेष छूट के साथ और बहुत कम ब्याज दर पर लगाया जाएगा। यह मशीनें महिलाओं के रूचि व लाभ को देखते हुए स्थापित की जाएगी। प्रोसेसिंग यूनिट लगने के बाद आप सभी को मेहनत करके आगे बढ़ना होगा। आपकी मेहनत और सोच ही आपकों आगे बढ़ायेगी। जिला पंचायत सीईओ डॉ फरिहा आलम सिद्धिकी और पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, कृषि, रेशम से जुड़ी अधिकारी भी ग्रामीणों को औद्योगिक पार्क में संचालित होने वाली गतिविधियों के साथ आत्मनिर्भर बनने के रास्ते बता रहे हैं।
गांधी जयंती को होगा शुभारंभ, 10 गौठान चयनित
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती के साथ समृद्धि का आधार ग्रामीण औद्योगिक पार्क का जिले के 10 गौठानों में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को रीपा योजना के तहत वर्चुअल शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। कलेक्टर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर जिले के प्रत्येक विकासखंड के दो गौठानों में ग्रामीण औद्योगिक पार्क स्थापित किया जाएगा। जिसमें बलौदा से जर्वे और महुदा, नवागढ़ से पेंड्री और पचेड़ा, अकलतरा से तिलई और किरारी, पामगढ़ से मुलमुला और लोहर्सी, बम्हनीडीह से गोविंदा और अफरीद गौठान का चयन किया गया है।
कीमत, गुणवत्ता, पैकेजिंग, मार्केटिंग पर देना होगा ध्यान
कलेक्टर श्री सिन्हा ने औद्योगिक पार्क की स्थापना के साथ इससे जुड़कर अपनी आजीविका गतिविधियों को संचालित करने वाली समूहों, युवाओं को बताया कि किसी भी सामग्री व उत्पाद की बिक्री बाजार में तभी बढ़ेगी जब उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। कीमत अन्य समान उत्पादों से कम हो। पैकेजिंग अच्छी हो। इसके लिए मार्केटिंग भी बेहतर तरीके से करना होगा। उन्होंने सबको सी-मार्ट जाकर अन्य उत्पादों को भी अवलोकन करने कहा।
गौठान में हो कच्चे माल का उत्पादन
कलेक्टर ने प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़कर बेहतर भविष्य का सपना संजोए स्व सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को बताया कि प्रारंभिक तौर पर बड़े गौठान का चयन किया गया है ताकि यहाँ खाली पड़ी भूमि के हिस्से में कच्चे माल की आपूर्ति के लिए कुछ सामग्रियों का उत्पादन भी किया जा सके। उन्होंने कहा कि मसाले के लिए मिर्च,धनिया,हल्दी की जरूरत होगी। यदि एक समूह उत्पादन पर और एक समूह निर्माण पर ध्यान दे तो कम लागत में मसाला तैयार हो सकता है। उन्होंने मशरूम सहित अन्य उत्पाद.न को बाजार में उपलब्ध कराने के तरीके भी बताए।
बारिश में भीगते हुए कलेक्टर-सीईओ ने ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने किया प्रेरित
आज बम्हनीडीह ब्लॉक के ग्राम गोविंदा के गौठान में जब कलेक्टर श्री सिन्हा पहुँचे तो कुछ देर बाद अचानक से ही तेज बारिश शुरू हो गई। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने इस बीच भीगते हुए ही गांव की महिलाओं को ग्रामीण औद्योगिक पार्क की परिकल्पना को विस्तार से बताते हुए उन्हें समर्पित होकर कार्य करने और आत्मनिर्भर बनने का आग्रह किया।

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