सूरजपुर

कुपोषण, बाल विवाह रोकथाम और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर प्रशासन सख्त।

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

सूरजपुर(ट्रैक सिटी)/ महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण नियंत्रण तथा बाल संरक्षण को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर लगातार गंभीर पहल की जा रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

बैठक में कुपोषित एवं अल्पवजन बच्चों की स्थिति, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को रेडी टू ईट खाद्य सामग्री वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन व्यवस्था तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट लेने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, आधार एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण, अपार आईडी, जन्म प्रमाण पत्र सुधार सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने विशेष शिविर आयोजित कर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

बाल विवाह रोकथाम को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में बाल विवाह की घटनाओं वाले क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पोक्सो अधिनियम के तहत पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता एवं राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में आंगनबाड़ी भवनों एवं निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचसी एवं सीएचसी भवनों को शीघ्र पूर्ण कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु कल्याण तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button