कोरबा

कोरबा में हाथियों का आतंक: सेमरहा और मड़ई में दंतैलों ने तोड़े मकान, रामपुर में रौंदी धान की फसल।

कोरबा(ट्रैक सिटी)। कोरबा जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कटघोरा और कोरबा वन मंडल के अलग-अलग इलाकों में हाथियों के दल की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीती रात हाथियों ने करतला रेंज के रामपुर गांव में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया, जबकि पसान रेंज के सेमरहा और एमता नगर रेंज के मड़ई गांव में मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों के लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ जिले के छाल रेंज से करीब 15 हाथियों का दल अचानक कोरबा वन मंडल की सीमा में पहुंच गया। हाथियों का यह दल करतला रेंज के रामपुर गांव में दाखिल हुआ और रातभर इलाके में उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने ग्रामीणों के खेतों में लगी धान की फसल को पैरों तले रौंद दिया। बड़ी मात्रा में फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों का दल रातभर क्षेत्र में विचरण करता रहा। ग्रामीणों के बीच हाथियों के पहुंचने की खबर फैलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि सुबह होने से पहले हाथियों ने क्षेत्र से आगे का रुख किया और छाल रेंज की ओर लौटकर जंगल में चले गए।

इधर, कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में भी करीब 14 हाथियों का दल सक्रिय है। इस दल में शामिल एक दंतैल हाथी अक्सर झुंड से अलग होकर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाता है। बीती रात भी दंतैल हाथी झुंड से अलग होकर सेमरहा गांव पहुंच गया। यहां उसने एक ग्रामीण के मकान को निशाना बनाया और उसे तोड़ दिया। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीण का परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया। भारी बारिश के बीच परिवार के सामने रहने और सुरक्षा की समस्या खड़ी हो गई है।

वहीं केंदई रेंज में लगातार नेशनल हाईवे पर पहुंचकर वाहनों की रफ्तार रोकने वाला लोनर हाथी भी बीती रात क्षेत्र में विचरण करता नजर आया। जानकारी के अनुसार यह हाथी कांपा नवापारा परिसर से आगे बढ़कर एमता नगर रेंज के मड़ई क्षेत्र में पहुंचा। यहां उसने फुलसुंदरी पति रंगीलाल के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद हाथी ने खेत में लगी फसल को भी रौंदा और बंजारी परिसर की ओर बढ़ गया।

जिले में हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। हाथियों द्वारा फसल रौंदने के साथ मकान और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों को अपनी जान-माल की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।

कोरबा जिले के वन क्षेत्रों में हाथियों की सक्रियता के चलते मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के गांवों की ओर आने से फसल और मकानों को नुकसान के साथ लोगों की जान को भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में हाथियों की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

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