रायपुर/दिल्ली

छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता जागरूकता का बड़ा असर: 20 हजार शिकायतों का समाधान।

रायपुर/दिल्ली(ट्रैक सिटी) । छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता अपने अधिकारों को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक हो रहे हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline-NCH) पर राज्य से दर्ज शिकायतों की संख्या 20 हजार के पार पहुंच गई है और सबसे बड़ी बात यह है कि इन सभी मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। इस उपलब्धि को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार की ‘नागरिक प्रथम’ (Citizen-First) नीति का प्रभावी परिणाम बताया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे अब लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता।

91 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाया

उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन देशभर में मुकदमेबाजी से पहले शिकायतों के समाधान का सबसे बड़ा मंच बनकर उभरी है। हेल्पलाइन के जरिए अब तक 1.47 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है और उपभोक्ताओं को 91 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड दिलाया गया है।

उपभोक्ता अपनी शिकायतें टोल-फ्री नंबर 1915, व्हाट्सएप, एसएमएस, ईमेल, एनसीएच मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और उमंग ऐप के माध्यम से घर बैठे दर्ज करा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही शिकायतें

आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से वर्ष 2023-24 में 13,734, वर्ष 2024-25 में 14,271 और वर्ष 2025-26 में 20,231 शिकायतें दर्ज की गईं। राहत की बात यह रही कि सभी शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर भी शिकायत निवारण व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां औसत समाधान अवधि 63 दिन थी, वहीं अब यह घटकर 28 दिन रह गई है।

बृजमोहन अग्रवाल ने की अपील

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की उपभोक्ता समस्या सामने आती है तो लोग बिना किसी झिझक के राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह मंच उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ बड़ी कंपनियों की जवाबदेही भी तय कर रहा है।

ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में सबसे अधिक शिकायतें ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी रहीं। इस दौरान इस क्षेत्र से 5.77 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।

कंपनीवार शिकायतों में फ्लिपकार्ट पहले स्थान पर रही, जिसके खिलाफ 1,44,929 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद अमेज़न के खिलाफ 96,912, रिलायंस जियो के खिलाफ 59,386, एयरटेल के खिलाफ 44,689, स्विगी के खिलाफ 36,349, नेटमेड्स के खिलाफ 32,104, मीशो के खिलाफ 31,151, मिंत्रा के खिलाफ 30,083, ओला कैब्स के खिलाफ 26,531 और जोमैटो के खिलाफ 18,266 शिकायतें दर्ज की गईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये आंकड़े बड़ी कंपनियों के लिए ग्राहक सेवा में सुधार का स्पष्ट संकेत हैं, वहीं उपभोक्ताओं के लिए यह भरोसा भी बढ़ाते हैं कि उनकी शिकायतों का समाधान अब तेज, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जा रहा है।

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