कोरबा

ठेका कंपनी नीलकंठ के वर्कशॉप में मशीन रिपेयरिंग के दौरान सिलेंडर फटने से एक मजदूर की मौत, दो घायल।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले स्थित एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की कुसमुंडा खदान से दुखद खबर सामने आई है। यहां ठेका कंपनी नीलकंठ के वर्कशॉप में मशीन रिपेयरिंग के दौरान सिलेंडर फटने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना कुसमुंडा खदान क्षेत्र की ठेका कंपनी नीलकंठ के वर्कशॉप में बीती शाम हुई। कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत संजय देवांगन मशीन की मरम्मत कर रहे थे, तभी अचानक सिलेंडर फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिलेंडर के फटने से धमाके की आवाज पूरे इलाके में गूंज उठी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मरम्मत के दौरान पिस्टन बाहर निकलकर संजय के सीने पर जा लगा, जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई। दो अन्य मजदूरों को भी चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।मृतक संजय देवांगन बलरामपुर के निवासी थे। वे चार बहनों के इकलौते भाई थे और पिछले तीन वर्षों से नीलकंठ कंपनी में ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। बताया जाता है कि कंपनी प्रबंधन छुट्टी के दिनों में भी उनसे मिस्त्री का अतिरिक्त काम करवाता था। संजय परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी जिम्मेदारी बुजुर्ग माता-पिता और चार बहनों के भरण-पोषण की थी। इस हादसे से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है।

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*प्रबंधन की ओर से मुआवजा और वादे*

नीलकंठ कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को तत्काल 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की है। साथ ही, परिवार के भविष्य के भरण-पोषण के लिए आगे सहायता के वादे भी किए गए हैं। परिजन मृतक के शव को लेकर अपने गृह ग्राम बलरामपुर लौट चुके हैं। पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लग रहा है, क्योंकि कंपनी छुट्टी के दिन भी खतरनाक काम करवा रही थी।

*सुरक्षा मानकों पर सवाल*

यह हादसा खदान क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। मजदूर संगठनों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस और एसईसीएल प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं।

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