कोरबा

तीन दिन से लापता सात वर्षीय भव्या का मिला शव, रजगामार में सनसनी

करीम पोल्ट्री फार्म के पीछे मिला शव, पुलिस की कई टीमें कर रही थीं तलाश; फॉरेंसिक टीम और खोजी डॉग बाघा की मदद से जांच जारी

कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिले के रजगामार क्षेत्र में तीन दिनों से लापता सात वर्षीय मासूम भव्या जोशी का शव गुरुवार को करीम पोल्ट्री फार्म के पीछे मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बच्ची 19 अक्टूबर को घर से पास की राशन दुकान जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने भी रजगामार पहुंचकर जांच की जानकारी ली थी और तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को बच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी। फिलहाल बच्ची की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस फॉरेंसिक टीम और खोजी डॉग बाघा की मदद से साक्ष्य जुटाने में लगी है।

 

रोजगार की तलाश में कोरबा आया था परिवार

जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के ग्राम फगुरम निवासी प्रकाश जोशी करीब चार महीने पहले अपने चार बच्चों के साथ रोजगार की तलाश में कोरबा आए थे। वे रजगामार स्थित करीम पोल्ट्री फार्म में काम करते थे और परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच 19 अक्टूबर का दिन उनके लिए एक ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

बताया गया कि 19 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रकाश जोशी ने अपनी सात वर्षीय बेटी भव्या जोशी को पास की राशन दुकान से घरेलू उपयोग का सामान लाने के लिए भेजा था। इसके बाद बच्ची वापस घर नहीं लौटी। शुरुआत में परिजनों ने आसपास के क्षेत्र में उसकी तलाश की, लेकिन काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उनकी चिंता बढ़ गई।

परिजनों की शिकायत पर शुरू हुई तलाश

बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन की। परिचितों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया, लेकिन भव्या का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने बालको थाना क्षेत्र की रजगामार पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और संभावित रास्तों तथा स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कार्रवाई की गई। बच्ची का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। परिजन भी लगातार उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में तलाश में जुटे रहे।

एसपी ने रजगामार पहुंचकर ली थी जानकारी

सात वर्षीय बच्ची के लापता होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने 20 अक्टूबर को रजगामार पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम और अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेते हुए बच्ची की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

पुलिस की टीमें अलग-अलग संभावित स्थानों पर तलाश कर रही थीं। आसपास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के माध्यम से बच्ची के संबंध में सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा था। लगातार तलाश के बीच गुरुवार, 22 अक्टूबर को करीम पोल्ट्री फार्म के पीछे बच्ची का शव मिलने की सूचना सामने आई।

शव मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस

करीम पोल्ट्री फार्म के पीछे शव मिलने की जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के साथ पुलिस खोजी डॉग बाघा की मदद भी ले रही है। जांच टीम घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है, ताकि बच्ची की मौत से संबंधित परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

शव मिलने की खबर से रजगामार क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। जिस बच्ची की तलाश में परिजन और पुलिस पिछले तीन दिनों से जुटे हुए थे, उसकी मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मौत के कारणों का खुलासा होना बाकी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भव्या की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव पोल्ट्री फार्म के पीछे कैसे पहुंचा। मामले में हत्या या किसी अन्य आपराधिक घटना की आशंका को लेकर अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की आशंका को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

पुलिस जांच, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

जांच के निष्कर्षों पर टिकी निगाहें

भव्या जोशी की गुमशुदगी और उसके बाद शव मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के सामने अब बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य उपलब्ध जानकारियां जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आधिकारिक जांच निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों और परिजनों को अब पुलिस की जांच से जुड़े तथ्यों और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

 

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