सक्ती (ट्रैक सिटी)। थाना सक्ती पुलिस ने फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक देशी रिवाल्वर एवं एक देशी कट्टा बरामद किया है। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर उप जेल सक्ती भेज दिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बालपुर निवासी अजय सिंह गोड़ ने थाना सक्ती में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 4 जून 2026 को वह अपने चाचा ससुर महंगु गोड़ के बुलावे पर ग्राम कर्रापाली गया था। वहां उसकी रिश्तेदार तीजबाई के साथ उसके पति दिलेश्वर सिदार द्वारा किए जा रहे मारपीट एवं प्रताड़ना के संबंध में समझाइश देने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचा था।
समझाइश के दौरान दिलेश्वर सिदार नाराज होकर वहां से चला गया। बाद में शाम लगभग 5:30 बजे अजय सिंह गोड़, बुंदीबाई, महंगु गोड़ एवं रमेश गोड़ अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम कर्रापाली के बाहर तालाब के पास दिलेश्वर सिदार और उसका साथी सोमदेव सिदार मिले। आरोप है कि दोनों ने अश्लील गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान दिलेश्वर सिदार ने अपने पास रखे रिवाल्वर से प्रार्थी एवं उसके साथियों पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। हालांकि सभी लोग झुककर एवं पीछे हटकर अपनी जान बचाने में सफल रहे और गोली सड़क पर जाकर लगी।
घटना के समय सोमदेव सिदार भी हथियार से लैस था और धमकी दे रहा था कि आज किसी को नहीं छोड़ेंगे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सक्ती में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 296, 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी दिलेश्वर सिदार (30 वर्ष) निवासी कर्रापाली एवं सोमदेव सिदार को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस ने दिलेश्वर सिदार के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक लोहे का देशी रिवाल्वर तथा सोमदेव सिदार के कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद किया। साथ ही घटनास्थल से फायर किए गए राउंड का खाली खोखा भी जब्त किया गया।
पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर उप जेल सक्ती भेज दिया गया।

