कोरबा

सरकारी शराब दुकानों में सुरक्षा गार्डों से वर्दी के नाम पर वसूली का आरोप, आबकारी अधिकारी से शिकायत

कोरबा (ट्रैक सिटी) जिले में संचालित सरकारी मदिरा दुकानों में कार्यरत सुरक्षा गार्डों ने वर्दी के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला आबकारी अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा गार्डों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि BIS सुरक्षा कंपनी के कुछ अधिकारियों द्वारा गार्डों से नई वर्दी देने के नाम पर प्रति व्यक्ति 15-15 हजार रुपये की मांग की जा रही है। वहीं नए कर्मचारियों से 40 से 50 हजार रुपये तक लिए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरकारी मदिरा दुकानों में कार्यरत सुरक्षा गार्ड पहले से ही सीमित वेतन में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में वर्दी के लिए हजारों रुपये की मांग करना उनके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है। गार्डों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर दबाव बनाने और नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करने जैसी बातें भी कही गईं।
आवेदन में कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि पद का दुरुपयोग कर सुरक्षा गार्डों से धन उगाही की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि उनके पास बातचीत की रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जा सकता है।
सुरक्षा गार्डों ने आबकारी विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित एजेंसियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि वर्दी का खर्च कर्मचारियों पर थोपने के बजाय उनके वेतन और सुविधाओं में सुधार किया जाए।
आवेदन में उल्लेख है कि इससे पूर्व भी 22 मई 2026 को शिकायत प्रस्तुत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा ज्ञापन सौंपा गया है। सुरक्षा गार्डों ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
पत्र में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के दावे हैं। आरोपों की सत्यता संबंधित विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायत आबकारी विभाग तक पहुंच चुकी है और सुरक्षा गार्ड कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button