रायपुर/कोरबा (ट्रैक सिटी)। राजीव भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे एवं नकटी मामले की कमेटी के सदस्यों ने पत्रकार वार्ता लेकर नकटी मामले सरकार पर क्रूरता के आरोप लगा था।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि नकटी में किया गया तोड़ फोड़ भाजपा सरकार की अपराधिक कार्य था। बिना किसी कार्य योजना के गरीबो के मकानो को तोड़ा गया। भाजपा सरकार ने गरीबो का मकान तोड़ कर जो क्रूरता दिखाई है। उसके चौतरफा विरोध के बाद लगातार सरकार झूठ परोस रही है। भाजपा की सरकार 50 वर्षों से नकटी गांव में रह रहे गरीबों के घर को तोड़कर अपने तानाशाही चरित्र को प्रदर्शित किया है विधायकों का आवास बनाने के लिए अन्य सरकारी जमीनों का उपयोग करना था लेकिन नकटी गांव की जनता के प्रति भाजपा की दुर्भावना सामने आई है। नकटी गांव की जनता के घरों को अवैध बताने वाली भाजपा की सरकार जवाब दे जब वह जमीन अवैध थी वहां प्रधानमंत्री आवास कैसे बन गया नकटी में निवास कर रहे लोगों का राशन कार्ड आधार कार्ड उनके घरों पर बिजली कैसे पहुंच गई। नकटी गांव के नागरिकों से बिना चर्चा किये आधी रात को उनके घरों पर बुलडोजर चलाया गया बारिश के मौसम में गरीबों को घर से बेघर किया गया यह अन्याय है कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है। सरकार ने वहां पर 85 मकानो को तोड़ा है, 25 से अधिक प्रधानमंत्री आवास भी तोड़ा है। प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही अब दोबारा आवास लेने के पात्र नहीं रहेंगे। अमूनन मानवीय आधार पर बारिश के समय विस्थापन की कार्यवाही नहीं की जाती है, यह छत्तीसगढ़ में 10 जून से 15 जून मानसून आने का समय माना जाता है। इस समय के बाद राज्य के जमीनों का सीमांकन भी नहीं किया जाता है। नकटी गांव में तोड़-फोड़ की कार्यवाही 29 जून को की गयी है, जो पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी प्रक्रिया है। इस कार्यवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। सरकार कानूनी कार्यवाही नहीं करेगी तो हम इस मामले को लेकर कोर्ट भी जायेंगे। सरकार ने नकटी में खसरा न. 460 में तोड़ फोड़ किया है, अंकित आनंद के पत्र के अनुसार वहां पर खसरा नं. 460 के अलावा 465, 524, 698, 700, 701 सहित कुल 29.172 हेक्टयर अर्थात लगभग 72 एकड़ जमीन को खाली करायेंगे। इसका मतलब अभी खतरा पूरे गांव पर है। भाजपा सरकार ने नकटी में ग्रामीणों के मकानों को बरसात के मौसम में तोड़ने का महापाप किया है, गरीबों के आवास को उजाड़ने के बाद अपना पाप छुपाने के लिए भाजपा के नेता रोज पत्रकार वार्ता लेकर झूठ बोल रहे है। सरकार बताये कि उसने नकटी के ग्रामीणों के मकानों को क्यों तोड़ा? नया रायपुर में विधायक कॉलोनी बनाने के लिए पर्याप्त जगह होने के बाद किसके इशारे पर तथा किस मंत्री के निजी हितों को ध्यान में रखकर नकटी गांव में तोड़-फोड़ की गयी?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मंत्री केदार कश्यप पत्रकारवार्ता लेकर कहते है कि वहां पर विधायकों के लिये मकान बनाने का कोई योजना नहीं है। अक्टूबर 2024 में आवास एवं पर्यावरण सचिव कलेक्टर को पत्र लिखकर षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों को आवास उपलब्ध करवाने हेतु नकटी में अतिक्रमण भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये कहा था। इस पत्र में आयुक्त छ.ग. गृह निर्माण मंडल के पत्र क्र. 58 दिनांक 25.09.2024 का हवाला भी दिया है। यह पत्र बताता है कि भाजपा नेताओ कि हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन है, उन्होंने अपनी सरकार की गलती छुपाने झूठ बोला है। विधानसभा में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा जब भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल का जवाब दे रहे थे, उस समय उनको बताते हुये आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि नकटी गांव में विधायकों के लिये आवास हेतु जगह चिन्हांकित है। भाजपा नेता लगातार झूठ बोल रहे कि कांग्रेस के शासनकाल में विधायकों को आवास देने की योजना बनी तथा नकटी को चिन्हांकित किया गया। तथ्य यह है कि कांग्रेस के शासनकाल में नकटी में विधायकों के आवास बनाने की कोई योजना नहीं बनी और न ही किसी को विस्थापन करने का कोई नोटिस दिया गया। हम केदार कश्यप को चुनौती देते है कि वे एक भी नोटिस एक भी शासकीय आदेश दिखा दें।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में लोगों पर अत्याचार करके आम आदमी के मकानों को तोड़ कर अराजकता सरकार फैला रही और गरीबों की आवाज उठाने पर कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का बेशर्मीपूर्वक आरोप पर लगा रही है। भाजपाई मंत्री, कांग्रेस पर आरोप लगाकर अपने सरकार के अपराध को छुपा नहीं सकते। भाजपा झूठ बोल रहे कांग्रेस सरकार के समय नकटी में विधायक आवास बनाने की योजना स्वीकृत हुई थी। कांग्रेस सरकार में वहां पर विधायक आवास बनाने की प्रस्ताव आया था लेकिन कांग्रेस सरकार ने खारिज कर दिया था। किसी भी विस्थापन की कार्यवाही के पहले व्यवस्थापन होना था, सरकार ने बिना व्यवस्थापन कार्य को पूरा किये वहां पर रह रहे लोगो को समान हटाने का अवसर दिये बिना तोड़-फोड़ किया, उनके घरो में बुलडोजर चलवाया। जहां पर व्यवस्थापन किया गया, वह भी वर्तमान निवास से बहुत दूर है। 1 कमरे के घर में 20 से 25 सदस्यीय परिवार को व्यवस्थापन दिया गया है। उनका गुजारा कैसे होगा? वहां पर बिजली, पानी जैसी मूलभूत जरूरते भी नहीं है।
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार शंकर मेनन ने कहा कि मूल ग्रामवासी को अतिक्रमणकारी बता रही, भाजपा यह आपत्तिजनक है। बृजमोहन अग्रवाल, देवजी पटेल जैसे नेता सिर्फ मीडिया में बयान देकर घड़ियाली आंसू बहा रहे है। गरीबो की आवाज उठाने वाले को प्रताड़ित किया जा रहा है। सैकड़ो गाय एवं अन्य पशु, इस विस्थापन के बाद कहां जायेंगे। ओ.पी. चौधरी जब-जब पावर में रहते है, सत्ता और पावर के मद में गरीबो का मकान, दुकान तोड़वाते है। रायपुर के खालसा स्कूल के पास 72 दुकाने, मरही माता मंदिर, पहाड़ी चौक में मोवा, कचना में साईंस कालेज चौपाटी में तोड़ फोड़ करवाया था।
जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने कहा कि भाजपा सरकार नकटी गांव में विधायकों का घर बनाने के लिए गरीबों को घर से बेघर कर रही है। ये गरीबो परिवारों के साथ अन्याय है। ये भाजपा को आखिर रोजी मजदूरी, ठेला, खोमचा में कार्य करने वाले गरीबों से इतनी नफरत क्यों है? भाजपा सरकार बनने के पहले दिन से गरीबों का घर दुकान असुरक्षित है। पूरे प्रदेश में गरीबो को टारगेट कर उनके खिलाफ दमनकारी कार्यवाही की जा रही है। नकटी गांव में वर्षों से लोग घर बनाकर रह रहे है कई लोगो का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है। फिर सरकार उसे अवैध कब्जा कैसे बता रही है? आधी रात को पुलिस भेजकर गरीबों को डराया क्यों जा रहा है? कांग्रेस मांग करती है नकटी गांव में गरीबो का घर उजाड़ना बंद किया जाये। विधायक निवास के लिए कोई अन्य स्थल का उपयोग किया जाये।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक अनिता शर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, भावेश बघेल, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा, रिषभ चंद्राकर उपस्थित थे।

