*अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने व ग्रामीण क्षेत्रो में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने हेतु किया निर्देशित’*
*नशा मुक्ति केंद्र का निर्धारित क्षमता अनुरूप प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने दिए निर्देश*
कोरबा (ट्रैक सिटी)/ जिले में नशा मुक्त वातावरण तैयार करने तथा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए नशे की रोकथाम, जनजागरूकता तथा तंबाकू नियंत्रण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देबेन्द्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग को जिले के सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में तंबाकू निषेध संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएं तथा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नशीले सामग्रियों की डिलीवरी पर रोक लगाने हेतु जिले के सभी कुरीयर डिलीवरी एजेंसियों की भी बैठक लेकर उन्हें इस सम्बंध में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान संचालित करने तथा भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से अभियान से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना इस अभियान की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में जिले के नशा मुक्ति केंद्र का निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने निर्देशित किया।

