कोरबा(ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिसूचित पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगर पालिक निगम के जोन आयुक्त, जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार प्रदान किए जाने की कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से पट्टाधृति अधिकार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी प्राधिकृत अधिकारियों को छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचित पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन करते हुए सर्वेक्षण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर दुदावत ने निर्देशित किया कि प्रत्येक स्थल का सर्वे प्रारंभ करने से पूर्व आवश्यक रूप से ड्रोन सर्वे कराया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति का सटीक अभिलेखीकरण हो सके। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान प्रत्येक प्रकरण में चौहद्दी का स्पष्ट उल्लेख किया जाए तथा सभी सीमाओं में संबंधित व्यक्तियों के नाम स्पष्ट एवं सुस्पष्ट अक्षरों में दर्ज किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
उन्होंने अधिकारियों को वर्ष 2017 के सैटेलाइट इमेज का अध्ययन एवं परीक्षण करते हुए पात्रता का परीक्षण करने तथा सर्वे कार्य में उसका समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अभिलेखों, नक्शों एवं सर्वे विवरणों में पूर्ण शुद्धता, पारदर्शिता एवं तथयात्मकता बनाए रखें तथा प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप किया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि केवल वास्तविक रूप से पात्र एवं अधिभोगधारी व्यक्तियों के प्रकरण ही स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएं। सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक स्थल का भौतिक सत्यापन, अभिलेखों का मिलान तथा निर्धारित तिथि के अनुसार पात्रता का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि, अपूर्ण जानकारी अथवा अपात्र व्यक्ति को लाभ दिए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण के दौरान शासकीय भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि, सड़क, नाला, तालाब, जल निकाय, पार्क, खुली भूमि, आरक्षित भूमि अथवा अन्य प्रतिबंधित श्रेणी की भूमि पर किसी भी प्रकार का पट्टाधृति अधिकार प्रदान नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी मामलों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर शासन के नियमों के अनुरूप ही कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि सर्वेक्षण कार्य के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज, नक्शे, ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेज, स्थल निरीक्षण एवं अन्य अभिलेखों का समुचित संधारण किया जाए, जिससे प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण पारदर्शी एवं तथयपरक ढंग से किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण दल शासन द्वारा निर्धारित प्रारूपों का ही उपयोग करें तथा समस्त जानकारी का डिजिटलीकरण एवं अभिलेखीकरण भी समय पर पूरा करें।
उन्होंने सभी प्राधिकृत अधिकारियों से कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सर्वे कार्य पूर्ण करते हुए पात्र हितग्राहियों को पट्टाधृति अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही सर्वेक्षण के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति उत्पन्न न होने देने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल ने पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, सहायक कलेक्टर विशाल जायसवाल, सयुंक्त कलेक्टर, एसडीएम, अपर निगमायुक्त आयुक्त, सभी जोन प्रभारी, नगरीय निकाय के सीएमओ, भू अभिलेख अधीक्षक आदि उपस्थित रहे।

