कोरबा

बालको ने चलाया जन स्वास्थ्य अभियान, टीबी मुक्त चुहिया पंचायत को मिला सम्मान।

कोरबा (ट्रैक सिटी)। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मरीजों की देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। यह सम्मान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टीबी जागरूकता एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई, जब कोरबा जिले की चुहिया ग्राम पंचायत में पिछले एक वर्ष के दौरान टीबी का कोई मामला सामने नहीं आया।

बालको, कोरबा जिले के 40 से अधिक गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इस उपलब्धि के लिए चुहिया ग्राम पंचायत को महात्मा गांधी कांस्य स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एस.एन. केशरी ने प्रदान किया। कार्यक्रम में नगर पालिका निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेंद्र देवांगन लक्ष्मण श्रीवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे।

जन स्वास्थ्य में सामूहिक प्रयासों पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा, “भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश की प्रगति में जन स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। बालको में हमारा मानना है कि उद्योग जगत आर्थिक विकास के साथ-साथ समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और आपसी सहयोग के माध्यम से हम टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने और एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस अवसर पर कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने स्वास्थ्य सेवाओं में बालको के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा, “टीबी की रोकथाम और मरीजों की देखभाल के लिए बालको जमीनी स्तर पर एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। कंपनी द्वारा जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और मरीजों को उपचार के दौरान सहायता देने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में चुहिया ग्राम पंचायत में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आना इन सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। इस तरह का सहयोग टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत बनाने और समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

इससे लाभान्वित एक मरीज ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मुझे एक साल से अधिक समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी। स्थानीय स्तर पर इलाज से कुछ समय के लिए राहत मिलती थी, लेकिन मेरी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। टीबी की पुष्टि होने के बाद बालको से मिले पोषण संबंधी सहयोग ने मुझे दोबारा स्वस्थ होने में मदद की। मेरा वजन 49 किलोग्राम से बढ़कर 53 किलोग्राम हो गया। धीरे-धीरे लक्षण भी खत्म हो गए और अब मेरी टीबी की जांच रिपोर्ट निगेटिव है। आज मैं अपने गांव में लोगों को समय पर जांच और इलाज कराने के लिए प्रेरित करता हूं तथा टीबी के प्रति जागरूकता फैलाता हूं।”

बालको की स्वास्थ्य पहल प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत टीबी जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक लगभग 27,000 लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इसके अलावा, भारत सरकार की निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत कंपनी ने लगभग 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता, परामर्श और उपचार के दौरान सहयोग प्रदान किया है। यह सहायता केवल पोषण तक सीमित नहीं है। मरीजों से नियमित संपर्क, परामर्श और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि वे अपना उपचार जारी रख सकें और जरूरत के समय आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें।

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