कोरबा (ट्रैक सिटी)। कोरबा शहर की बदहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम द्वारा मरम्मत अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, सड़क मरम्मत का निगम का यह तरीका अब लोगों के बीच चर्चा और कौतूहल का विषय बन गया है।
शहर में आमतौर पर सड़क के गड्ढों को डामर और गिट्टी से भरने के बाद उस पर रोलर चलाकर उसे दबाया जाता है, ताकि मरम्मत किया गया हिस्सा सड़क की सतह के साथ मजबूती से जुड़ सके। लेकिन इस बार कुछ स्थानों पर निगम द्वारा बोरियों में डामर-युक्त गिट्टी भरकर मौके पर ले जाई जा रही है और इन्हीं बोरियों की सामग्री से गड्ढों को भरा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में वर्षों से सड़क मरम्मत का काम इसी तरह डामर और गिट्टी से होता आया है, लेकिन इस तरह बोरियों में सामग्री भरकर गड्ढे भरने का तरीका पहली बार देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि सड़क से गुजरने वाले लोग भी रुककर इस प्रक्रिया को देखने लगे हैं।
अब सवाल मरम्मत की मजबूती पर
नगर निगम की इस पहल को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी टिकाऊपन को लेकर उठ रहा है। बारिश, भारी वाहनों और लगातार यातायात के दबाव के बीच बोरियों में लाई गई डामर-युक्त गिट्टी से भरे गए गड्ढे आखिर कितने दिनों तक टिकेंगे, यह फिलहाल देखने वाली बात है।
लोगों का कहना है कि शहर में सड़क मरम्मत केवल गड्ढे भरने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद सड़क फिर उखड़ जाती है तो इससे निगम के संसाधन और जनता का पैसा दोनों खर्च होंगे।
अब देखना होगा कि बोरियों में भरकर लाई गई डामरयुक्त गिट्टी से की जा रही यह मरम्मत वास्तव में कितनी कारगर और टिकाऊ साबित होती है।

