खैरागढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश कर विपक्ष के मुहं में जड़ा ताला।

मुख्यमंत्री ने किया सपना पूरा......खैरागढ़ में 50 बिस्तर के सिविल अस्पताल की मांग को दी मंजूरी......उत्तम सिंह ठाकुर

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नयी अर्थव्यवस्था पर आधारित बजट…जिसमें सभी वर्ग का रखा गया ख्याल..

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बजट महात्मा गांधी के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के मूल मंत्र को साकार करने का सुदृढ़ प्रयास वाला बजट है।

खैरागढ़/आज माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वर्ष 2022-23 का अद्वितीय बजट प्रस्तुत किया गया। बजट पेश होते ही ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस राजनांदगांव के जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह ठाकुर ने उक्त पेश बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर तंज कसते हुए चुटकी लेते हुए कहा कि, विपक्ष अपने 15 साल के कार्यकाल में जो न कर सकी उसे छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में कर दिखाया है। जो कहा उसे कर दिखाया है , भूपेश है तो भरोसा है। यही वजह है कि आज विपक्ष को उक्त पेश बजट पर प्रतिक्रिया देते नहीं बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह ऐसा बजट है जिसमें सभी वर्ग के बारे में पूरा पूरा ध्यान रखा गया है। जिसके पेश होते ही ग्रामीण से लेकर शहरी तक के आमजन में खुशि की लहर दौड़ उठी है।
आपको बता दूं कि भारत की आजादी की 75वीं सालगिरह के वर्ष में प्रस्तुत यह बजट मुख्य रूप से ग्राम केन्द्रित नयी अर्थव्यवस्था पर आधारित ’’छत्तीसगढ़ मॉडल’’ में समाहित उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में मजबूत कदम वाली बजट है। बीते तीन वर्षों के दौरान सरकार द्वारा आजादी के मूल्यों एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को पूरा करने की दिशा में सभी तरह के सार्थक कदम उठाये गये हैं। यह बजट महात्मा गांधी के मन्सानुरूप हमारे सभी वर्ग के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के मूल मंत्र को साकार करने वाली अद्भुत बजट है।
आगे उत्तम सिंह ठाकुर ने इस बजट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, यह बजट राज्य के किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों व आर्थिक रूप से कमजोर सभी महिला पुरुष के वर्गो की समृद्धि, गांवों की आर्थिक प्रगति, शिक्षा में गुणवत्ता एवं प्रगति के नवीन आयाम, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्गों के कल्याण, महिलाओं एवं बच्चों के सर्वागींण विकास, युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के नवीन अवसरों के सृजन, शासकीय सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने, ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना को तेजी से विकसित करने तथा जनता के लिए संवेदनशील प्रशासन की भावना के साथ प्रदेश के लोगों को समर्पित ऐतिहासिक बजट है । जहां उक्त बजट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने , (1) आर्थिक स्थिति:― वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1,05,778 की तुलना में वर्ष 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय 1,18,401 रूपये, जो कि गत वर्ष की तुलना में 11.90 प्रतिशत अधिक है।
2.बजट के मुख्य आकर्षण:― राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में 6 हजार वार्षिक सहायता राशि को आगामी वर्ष से बढ़ाकर 7 हजार प्रतिवर्ष जो किया गया है वह सराहनीय है।
3. अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासियों के देवस्थलों पर पूजा करने वाले मांझी, बैगा, गुनिया, पुजारी इत्यादि, जिनमें हाट पाहार्या एवं बाजा मोहरिया भी शामिल हैं, को राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अनुरूप लाभ देना।
4. गोठानों को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित कर स्थानीय खाद्य उत्पाद एवं लघु वनोपज उत्पादों के मूल्य संवर्द्धन के लिये प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना। बांस एवं काष्ठ शिल्प, मेटल शिल्प तथा अन्य हस्त शिल्प से संबंधित लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना के लिये स्थानीय युवाओं को सहयोग करना।
5.औद्योगिक पार्काें में तैयार उत्पादों का चयन हितधारकों के कौशल, उपलब्ध कच्चा माल, उपभोक्ताओं में मांग तथा परिवहन एवं आवागमन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना। औद्योगिक पार्कों में उन्नत अधोसंरचना तथा बिजली पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने 600 करोड़ का प्रावधान देना।
6. गोधन न्याय मिशन, टी-कॉफी बोर्ड का गठन, मछली पालन एवं लाख उत्पादन को कृषि के समकक्ष दर्जा, मिलेट मिशन एवं वाणिज्यिक वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से रोजगार के नये अवसरों का सृजन करना।
7. नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कौशल विकास कार्यक्रम का विभिन्न नवाचारी योजनाओं के साथ समन्वय एवं राज्य स्थित विशिष्ट शिक्षण संस्थाओं की विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए नये रोजगार सृजन की संभावनाओं पर कार्य हेतु छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के लिए 2 करोड़ का प्रावधान देना ।
8. युवाओं हेतु छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय प्रतिभागियों की परीक्षा फीस माफ़ करना जिससे अब आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान प्रतिभागि युवा वर्ग को बहुत बड़ा लाभ पहुंचाया है।
9. राज्य के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग का सम्मान करते हुए एन.पी.एस योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करना जिसकी वर्षों से मांग कर्मचारी कर रहे थे। जिसे पूरा कर दिया गया।
कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर
10. खरीफ वर्ष 2017 में 12 लाख किसानों से उपार्जित 57 लाख मीट्रिक टन धान की तुलना में खरीफ वर्ष 2021 में 21 लाख 77 हजार किसानों से 98 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जित।
11. धान सहित समस्त खरीफ फसलों, लघु धान्य फसलों, उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिये राजीव गांधी किसान न्याय योजना में 20 लाख से अधिक किसानों को गत 2 वर्षाें में 10 हजार 152 करोड़ की सहायता देते हुए योजना में 6 हजार करोड़ का अलग से प्रावधान देकर किसान भाइयों को आर्थिक सौगात दी गयी है। कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा कृषि उत्पाद के मूल्य संवर्धन से अतिरिक्त आय सृजन हेतु चिराग परियोजना हेतु 200 करोड़ का प्रावधान देना।
12. किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषक समग्र विकास योजना में 123 करोड़ का प्रावधान दिया गया है।
13. फसल बीमा योजना में 575 करोड़, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना में 323 करोड़, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर स्थापित करने के लिये 60 करोड़ एवं कृषि यंत्रों के वितरण एवं प्रचार प्रसार हेतु 87 करोड़ का प्रावधान दिया गया है जिससे किसानों को खेती किसानी करने से पहले से अधिक लाभ मिल पाएगा।
14. गोधन न्याय योजना के तहत अब तक 63 लाख 89 क्विंटल गोबर का क्रय किया जाकर पशुपालकों को 127 करोड़ 79 लाख रुपये का भुगतान किया जाना हमारी कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
15. ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन एवं विपणन हेतु महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के अंतर्गत कुल 750 गौठानों में 21 तेल मिल, 28 दाल मिल, 40 आटा मिल, 680 मिनी राइस मिल प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान करना ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास की नया इतिहास गढ़ने को तैयार होगा।
सिंचाई सुविधाओं का विकास
16. गत 3 वर्ष में वास्तविक सिंचित क्षेत्रफल 10 लाख 90 हेक्टेयर से बढ़कर 13 लाख 58 हेक्टेयर कर दिया गया है।
17. कुल 3 हजार 323 करोड़ के बजट प्रावधान में 1 हजार 705 नवीन कार्यों के लिए 300 करोड़ का प्रावधान दिया गया है। इससे 2 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। नवीन मद अंतर्गत 249 वृहद् कार्य, 53 मध्यम कार्य तथा 835 लघु सिंचाई कार्य तथा 404 एनीकट एवं स्टापडेम निर्माण कार्य शामिल किया गया है।
18. नाबार्ड की सहायता से सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण कार्य हेतु 690 करोड़, लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए 931 करोड़, एनीकट एवं स्टापडेम निर्माण के लिए 260 करोड़ तथा तटबंध निर्माण कार्यो हेतु 125 करोड़ का प्रावधान दिया जाना।
19. बजट में 10 वृहद्, 15 मध्यम तथा 3 लघु सिंचाई योजनाओं के सर्वेक्षण हेतु 3 करोड़ 10 लाख का प्रावधान। 06 मेगा उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं का सर्वेक्षण शामिल।
20.वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के संधारण हेतु 100 करोड़ का प्रावधान।
21 पांच एच.पी. कृषि पम्पों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय के लिये 2 हजार 600 करोड़ का प्रावधान। योजना से 4 लाख 80 हजार कृषकों को कृषि पम्पों के संचालन हेतु रियायती दर पर बिजली की सुविधा।
22. सौर सुजला योजना अंतर्गत 3 एवं 5 एच.पी. क्षमता के 15,000 सौर सिंचाई पम्पों की स्थापना हेतु 416 करोड़ 90 लाख का प्रावधान।
23. प्रधानमंत्री कुसुम योजना अंतर्गत 10 हजार सोलर पम्पों की स्थापना हेतु राज्यांश मद में 100 करोड़ का प्रावधान।
ग्रामीण विकास गतिविधियां
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 8 लाख 22 हजार 832 आवास पूर्ण हो चुके हैं। योजना के लिये 800 करोड़ का प्रावधान।
24. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत 3 हजार 82 ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य तथा 275 ग्राम पंचायतों में बायोगैस संयंत्र की स्थापना का कार्य पूर्ण। योजना के लिये 500 करोड़ का प्रावधान।
पेयजल सुविधाएँ :―
25. 48 लाख 60 हजार परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु जल जीवन मिशन में 1 हजार करोड़ का प्रावधान।
26. नगरीय निकायों में जल प्रदाय हेतु 30 करोड़ अनुदान तथा 55 करोड़ ऋण का प्रावधान।
27. गौठानों में 860 नग नलकूप खनन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान।
शैक्षणिक सुविधाएँ
28. 171 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों में 1 लाख 35 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। आगामी वर्ष से हिन्दी माध्यम के भी स्वामी आत्मानंद विद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय।
29. अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के छात्रावास-आश्रमों हेतु 106 भवनों का निर्माण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान।
30. एकीकृत बाल विकास सेवा, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, वजन त्यौहार, नवा जतन एवं मुख्यमंत्री पोषण अभियान से तीन वर्षाें में कुपोषण में 8ण्7 प्रतिशत की कमी।
31. छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को वितरित पुराना बकाया 12 करोड़ 77 लाख का ऋण माफ। प्रथम ऋण को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख से 2 लाख तक। प्रथम ऋण को सफलतापूर्वक वापस करने पर दोबारा 2 लाख से 4 लाख तक का ऋण दिये जाने की सुविधा।
32. छत्तीसगढ़ महिला कोष के लिये वर्ष 2018-19 की तुलना में वर्ष 2022-23 में 30 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 5 करोड़ 20 लाख का प्रावधान।
स्वास्थ्य सुविधाएँ
33. गत 2 वर्षाें के दौरान 1 हजार 329 चिकित्सा अधिकारी, 282 बहुउद्देशीय पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं 328 बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, 278 लैब टेक्नीशियन तथा 192 तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति।
34. खैरागढ़ में 50 बिस्तर सिविल अस्पताल के भवन निर्माण हेतु प्रावधान।
35. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन हेतु 126 करोड़ एवं पन्द्रहवें वित्त आयोग अंतर्गत 454 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वानिकी गतिविधियां
36. छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ के द्वारा कोदो-कुटकी 3 हजार रूपये एवं रागी 3 हजार 377 रूपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय। फसलों के उत्पादक किसानों को 9 हजार के स्थान पर 10 हजार प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि प्रदाय।
नगरीय सुविधाएँ
37. उचित मूल्य पर जेनेरिक दवाईयां एवं सर्जिकल सामान उपलब्ध कराने के लिये 136 धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स की स्थापना। अब तक 17 करोड़ 92 लाख बाजार मूल्य की दवाईयों पर 10 करोड़ रूपये की छूट से 5 लाख 92 हजार नागरिक लाभान्वित।
38. मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 14 नगर निगमों में 60 मोबाइल एम्बुलेंस एवं दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन। इसे प्रदेश के समस्त नगरपालिका एवं नगरपंचायतों में लागू करने के लिये 50 करोड़ का प्रावधान।
38. शहरी निर्धन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने हेतु ‘‘मोर जमीन मोर मकान’’ तथा ‘‘मोर मकान मोर चिन्हारी’’ योजनाओं में 450 करोड़ प्रावधान।
39. नगरीय निकायों की सम्पत्ति के ऑफसेट मूल्य को कलेक्टर गाईडलाईन में निर्धारित दर से 30 प्रतिशत कम करते हुए गणना की जायेगी।
40. मिशन अमृत 2.0 के तहत शहरों में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल तथा समस्त घरों में नल कनेक्शन प्रदाय करने के लिये 200 करोड़ एवं नगरीय निकायों को जल आवर्धन योजना में 380 करोड़ का प्रावधान।
खेल एवं युवा कल्याण गतिविधियां
41. युवाशक्ति को संगठित कर प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाने हेतु राजीव युवा मितान क्लब का गठन। ग्रामीण क्षेत्रों में 11 हजार 664 एवं नगरीय क्षेत्रों में 1 हजार 605 राजीव युवा मितान क्लब का गठन हेतु 75 करोड़ का प्रावधान।
42. चिटफंड कंपनियों से पीड़ित निवेशकों को राहत देते हुए 16 अनियमित वित्तीय कंपनियों से 16 करोड़ 96 लाख की सम्पत्ति की नीलामी/वसूली/राजीनामा।

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