कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिले के शिक्षा विभाग में पदोन्नति से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद शिकायतकर्ता शिक्षक नेता पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव और मारपीट के प्रयास के आरोपों को लेकर मामला दर्ज हुआ है। सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस ने अंधरीकछार के BRC अनिल रात्रे और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला आमापाली के शिक्षक मुकुंद केशव उपाध्याय के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता ओम प्रकाश बघेल, जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़मार में व्याख्याता तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष हैं, ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मुकुंद उपाध्याय और अनिल रात्रे के खिलाफ कूटरचना कर कथित फर्जी B.Ed प्रमाण पत्र के माध्यम से पदोन्नति सूची में नाम शामिल कराने की शिकायत की थी। यह शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, DPI संचालक रायपुर और संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई थी।
BRC भवन में विवाद और धमकी का आरोप
शिकायत के अनुसार 22 अगस्त को BRC भवन अंधरीकछार में शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में ओम प्रकाश बघेल के साथ विभिन्न शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा अनिल रात्रे और मुकुंद उपाध्याय भी मौजूद थे। आरोप है कि बैठक समाप्त होने के बाद शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच शिकायत वापस लेने को लेकर विवाद हुआ।
ओम प्रकाश बघेल ने आरोप लगाया कि इसी दौरान मुकुंद उपाध्याय ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और बेल्ट निकालकर मारने का प्रयास किया। वहीं अनिल रात्रे पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
BRC अनिल रात्रे ने आरोपों को बताया गलत
मामले में BRC अनिल रात्रे से उनका पक्ष जानने पर उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ओम प्रकाश बघेल द्वारा उनके B.Ed की मार्कशीट को फर्जी बताते हुए करीब एक वर्ष पहले शिकायत की गई थी। रात्रे के अनुसार संबंधित विश्वविद्यालय ने उनके मार्कशीट को सही बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त संचालक शिक्षा (JD) स्तर पर हुई जांच में भी उनके दस्तावेज सही पाए गए हैं।
अनिल रात्रे का कहना है कि जांच में सही पाए जाने के बावजूद ओम प्रकाश बघेल लगातार उनके खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा विभिन्न तरीकों से दबाव बनाया जा रहा है। रात्रे ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बार-बार शिकायतें कर नाम खराब करने की कोशिश की जा रही है।
चार अन्य शिक्षकों की डिग्री को लेकर भी शिकायत
BRC रात्रे ने बताया कि उनकी B.Ed डिग्री को लेकर ही नहीं, बल्कि अजय श्रीवास्तव, मुकुंद उपाध्याय, अजय पाटले और वीरू गुप्ता के दस्तावेजों को लेकर भी शिकायतें की गई हैं। उनके अनुसार इन शिकायतों को भी जांच के लिए भेजा गया है।
बैठक में विवाद से किया इनकार
अनिल रात्रे ने 22 अगस्त की बैठक के दौरान किसी तरह के विवाद से भी इनकार किया। उनका कहना है कि बैठक में ऐसी कोई घटना नहीं हुई और जानबूझकर उनका नाम इस विवाद में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने ओम प्रकाश बघेल पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और तरह-तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच में पदोन्नति से जुड़े B.Ed प्रमाण पत्रों की पूर्व शिकायत, विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग स्तर पर हुई कथित जांच, शिकायत वापस लेने के दबाव के आरोप तथा 22 अगस्त की बैठक के बाद हुए विवाद की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
FIR के बाद अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर, दोषी पाए गए तो शिक्षकों पर गिर सकती है गाज
मामला सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच के साथ शिक्षा विभाग इस पूरे प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है। पदोन्नति से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेजों की शिकायत, आपसी विवाद और दो शिक्षकों के खिलाफ दर्ज FIR के बाद क्या विभागीय स्तर पर भी कोई जांच या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो शिकायतों के पीछे की मंशा भी जांच का विषय होगी।

