कोरबा (ट्रैक सिटी)। कोतवाली थाना क्षेत्र में महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने उसकी बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मृतिका द्वारा दीवार पर लिखा गया सुसाइड नोट, आत्महत्या से पहले बहनों को भेजा गया वीडियो और परिजनों के बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को लक्ष्मी बाई मानिकपुरी ने अपने घर में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग क्रमांक 66/2026 कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को दीवार पर मृतिका द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट मिला। इसमें मृतिका ने अपनी बहू पूर्णिमा और उसके मायके पक्ष के लोगों द्वारा परेशान किए जाने को आत्महत्या का कारण बताया था।
पुलिस ने दीवार पर लिखे लेख की जांच कराई और जांच में पुष्टि हुई कि उक्त लेख मृतिका द्वारा ही लिखा गया था। इसके अलावा पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आत्महत्या से पहले मृतिका ने अपनी बहनों को एक वीडियो बनाकर भेजा था। पुलिस ने वीडियो को विधिवत जब्त कर पंचनामा तैयार किया। मृतिका की बहनों, परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।
घर से बाहर निकालने का बनाया जाता था दबाव
पुलिस की मर्ग जांच और परिजनों के कथनों में पारिवारिक विवाद एवं कथित प्रताड़ना की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मृतिका के पति की पहले मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद उसने दूसरी शादी की थी और वह अपने वर्तमान पति तथा उसके पूर्व के बच्चों के साथ रह रही थी।
जांच में सामने आया कि पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर घर में आए दिन विवाद और झगड़े होते थे। परिजनों के अनुसार, मृतिका की बहू पूर्णिमा और उसके मायके पक्ष के लोग कथित तौर पर घर आकर उसे घर से बाहर निकालने के लिए दबाव बनाते थे। इससे मृतिका काफी परेशान रहती थी।
परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि मृतिका पूर्व में भी बहू और उसके मायके पक्ष के लोगों से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी। उसने पहले जहर का सेवन कर जान देने की कोशिश की थी।
सुसाइड नोट और वीडियो से जांच को मिला आधार
मर्ग जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट, आत्महत्या से पूर्व बहनों को भेजे गए वीडियो तथा परिजनों के बयानों समेत अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध पाया। इसके बाद कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 724/2026 दर्ज कर धारा 108 एवं 3(5) बीएनएस के तहत विवेचना शुरू की गई।
बहू सहित तीनों आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया—
पूर्णिमा महंत, पति संजय दास, उम्र 24 वर्ष, निवासी लक्ष्मण तालाब, कोरबा।
सुमेरन बाई, पति मिलनदास महंत, उम्र 45 वर्ष, निवासी सोहागपुर, थाना उरगा, जिला कोरबा।
मिलन दास, पिता सोनदास, उम्र 55 वर्ष, निवासी सोहागपुर, थाना उरगा, जिला कोरबा।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश पर तीनों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में विवेचना अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा पुलिस ने अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
