Korba

स्काउटिंग : राष्ट्रीय स्तर पर कोरबा “स्टार डिस्ट्रिक्ट” के नाम से जाना जाता है।

जिला मुख्य आयुक्त सादिक शेख के सक्षम नेतृत्व से हो सका है संभव।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)। स्काउटिंग के क्षेत्र में कोरबा जिले की राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान है। राष्ट्रीय स्तर पर कोरबा को “स्टार डिस्ट्रिक्ट” के नाम से जाना जाता है। सक्षम नेतृत्व, सुदृढ़ कार्ययोजना और टीम वर्क से यह संभव हो सका है।

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भारत स्काउट्स एवं गाइड्स वैश्विक स्काउट आंदोलन का एक हिस्सा है। कोरबा जिले में स्काउट आंदोलन को 2008 से गति मिलनी शुरू हुई। इसके पूर्व तक जिले में गिनते के विद्यालय ही स्काउटिंग से जुड़े थे। लीडर्स भी नाममात्र के थे। गाइड्स यानी बालिकाओं तथा महिला लीडर्स (शिक्षक) की उपस्थिति लगभग नगण्य थी। जनवरी 2008 में जिला मुख्य आयुक्त के रूप में मोहम्मद सादिक शेख की नियुक्ति होती है और शुरू होता है जिले को स्काउटमय बनाने का सफर। तमाम चुनौतियों को पार करते हुए जिला एवं विकासखंड स्तर पर लीडर्स की एक सक्षम और समर्पित टीम तैयार की गई। दूसरी ओर रोवर्स, रेंजर्स पर फोकस किया गया। रोवर्स, रेंजर्स को स्काउटिंग का रीढ़ माना जाता है। रीढ़ इसलिए कि रोवर्स, रेंजर्स सेवा के लिए तैयार किए जाते हैं। बड़े से बड़े इवेंट्स इनके सहयोग से ही संभव हो पाते हैं। प्रत्येक शासकीय और अशासकीय विद्यालयों तक स्काउट आंदोलन को पहुंचाने और इकाइयों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साल दर साल इसमें वृद्धि होती गई। महाविद्यालय स्तर पर भी रोवर्स, रेंजर्स की इकाइयों का गठन करते हुए कई ओपन यूनिट्स प्रारंभ की गईं। वर्तमान में कोरबा जिला बीस हजार से अधिक की मेंबरशिप के आंकड़ों पर बैठा है। 2024- 25 में 8 प्रतिशत से अधिक की रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह है कि बालिकाओं और महिला लीडर्स की भागीदारी का प्रतिशत बालक वर्ग से कहीं अधिक हो गया है। ऑनलाइन यूथ मैनेजमेंट सिस्टम (ओवाईएमएस) में भी कोरबा जिला पूरे प्रदेश में अग्रणी है। संख्यात्मक बढ़ोतरी के साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। जिले के साथ ही राज्य के वार्षिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कोरबा जिले के कब, बुलबुल, स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स तथा लीडर्स की भागीदारी कहीं अधिक है। राष्ट्रीय स्तर के शिविरों और कार्यक्रमों में भी कोरबा की निरंतर उपस्थिति होती है। प्रत्येक वर्ष मिलने वाले राज्यपाल पुरस्कारों में कोरबा संख्यात्मक तौर पर आगे है। 2023- 24 एवं 2024- 2025 में सत्र में ही 158 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स ने राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त किया। इसी साल जिले के 8 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स ने राष्ट्रपति पुरस्कार का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। कोरबा जिले में देश के पहले स्पेशल बच्चों की सौ से अधिक संख्या वाली यूनिट चल रही है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय में कोरबा स्टार डिस्ट्रिक्ट के नाम से जाना जाता है। इसका कारण स्काउटिंग की उत्कृष्ट गतिविधियों के साथ नवाचार तरीके से स्काउट आंदोलन को गति देना है। सामाजिक कार्यों में सेवा देना हो या फिर शासन- प्रशासन के जनजागरूकता वाले कार्यक्रमों में सहभागिता और सहयोग, इसमें कोरबा के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स तथा लीडर्स की बढ़ चढ़कर भागीदारी होती है।

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