रायपुर

कलेक्टर के निर्देश का असर, दिन भर चली आवारा मवेशियों की धर-पकड़ : दो दिन में साढ़े आठ हज़ार मवेशियों को गौठान-कांजी हाउस भेजा गया

18 सौ से अधिक पशुओं को रेडियम बेल्ट और लगभग डेढ़ हज़ार की टेगिंग भी हुई

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सड़क पर मवेशियों को खुला छोड़ने पर एक हज़ार रुपए जुर्माना भी लगेगा

रायपुर (ट्रैक सिटी)। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे द्वारा कल की मीटिंग में दिये गये सख़्त निर्देशों के बाद आज राजधानी रायपुर शहर ही नहीं बल्कि आसपास के दूसरे नगरीय निकायों मे भी खुले में घूम रहे मवेशियों की धरपकड़ पूरे दिन जारी रही। दो दिन में ही ज़िले में खुले में घूम रहे और सड़को पर बैठने वाले साढ़े आठ हज़ार से अधिक मवेशियों को पकड़ कर गौठानों- कांजी हाउसों में पहुँचाया जा चुका है । नगर निगम और पशुपालन विभाग के दल आज भी दिन भर खुले में घूमने वाले मवेशियों को रास्तों से पकड़ कर उठाने में लगे रहे। रायपुर शहर में टाटीबंध से लेकर वीआईपी रोड, बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, जगदलपुर रोड, विधानसभा रोड, बीरगाँव निगम क्षेत्र तक आवारा पशुओं और खुले में सड़को पर घुम रहे मवेशियों को नगर निगम के अमले ने पकड़ पास के गौठान और कांजी हाउस पहुँचाया। रायपुर ज़िले के तिल्दा नेवरा नगर पालिका, बिलासपुर-रायपुर मार्ग पर सरोरा, उरला, पथरीडीह में भी रोका-छेका अभियान के तहत आवारा और सड़क पर घूम रहे मवेशियों को पकड़ गौठान में भेजा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर रसनी, बैहार, आरंग, पारागाँव, जगदलपुर मार्ग पर उपरवारा मोड़ पर भी खुले में घूम रहे पशुओं की धर पकड़ की गई। इस दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और नगर निगम के मेल ने आवारा मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट भी डाला। ताकि रात के समय गाड़ियो की लाइट से बेल्ट चमकने से सड़क दुर्धटनाओं को रोका जा सकें। पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने पशुओं की टेगिंग भी की ताकि ऐसे पशुओं की पहचान की जा कर आगे उनके मालिकों के विरुद्ध करवाई की जा सके। पिछले दो दिनों में ही रायपुर ज़िले में लगभग 18 सौ से अधिक पशुओं को रेडियम बेल्ट पहनाये गए है और लगभग डेढ़ हज़ार पशुओं की टेगिंग की गई है । खुले में घूम रहे मवेशियों की धर पकड़ में स्थानीय पार्षदों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की भी सहायता ली जा रही है ।

पशुपालकों से वसूला जाएगा एक हजार रुपये जुर्माना, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
जिले में सड़़क पर आवारा पशुओं के विचरण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु पालकों द्वारा सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, उद्यानों में विचरण करते पाए जाने पर संबधित पशुपालकों से एक हजार रूपये जुर्माना वसूला जाएगा और पशुओं को निकटतम कांजी हाउस भेजा जाएगा। पुनरावृत्ति होने पर पांच सौ रूपये जुर्माना राशि ली जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आदेश भी जारी किया है। ग्राम पंचायत के सचिव को इस कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही पशु अतिचार अधिनियम के तहत् पशुपालकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेडियम लगाने और टैगिंग करने में रायपुर का पहला स्थान

बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि रेड़ियम बेल्ट और टैगिंग लगाने की कार्रवाई की जा रही है जिसमें रायपुर जिला प्रथम स्थान पर है। जिले में अब तक 1 हजार 769 आवारा पशुओं को रेडियम बेल्ट लगाया गया है और 1 हजार 406 पशुओं में टैगिंग की गई है। साथ ही 8 हजार 687 पशुओं को गौ-शाला और गौठानों में शिफ्ट किए गए है।

नगर निगम ने विभिन्न जोन में आवारा पशुओं के विचरण रोकने बनाई कार्ययोजना

नगर निगम रायपुर के अधिकारियों ने बताया कि आवारा पशुओं से मुक्त कराने के निरीक्षण के लिए मॉनिटरिंग समिति गठित की गई है। साथ ही सभी जोन के चिन्हित स्थान पर आवारा पशुओं के न पाए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। निगम क्षेत्र के पशु पालकों को अपने पशुओं को गौशाला में रखने की समझाइस दी जाएगी। इसकें अलावा दो पालियों में काऊ कैचर गाड़ी एवं संबंधित टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी पशुओं को पकड़ कर गौठान और कांजी हाउस में रखा जाएगा। पशुओं को कांजी हाउस और गौठानों में शिफ्ट किया जाएगा और पशुपालक की सहमति पत्र और अर्थदंड के साथ ही पशुओं मुक्त किया जाएगा। कांजी हाउस और गौठान में पशुओं के चारा-पानी तथा अस्वस्थ्य पशुओं के ईलाज की व्यवस्था की गई है।

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