Korba

शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के सम्बंध में कलेक्टर ने ली प्रेस वार्ता।

युक्तियुक्तकरण की कार्रवाही से किसी भी शाला या शिक्षक का पद नहीं हो रहा समाप्त।

*प्रकिया से दूरस्थ क्षेत्रो के प्राथमिक शालाओं में पहली बार दो शिक्षकों की हुई व्यवस्था*

*सभी मिडिल स्कूलों में न्यूनतम 3 शिक्षकों की उपलब्धता हुई सुनिश्चित*

*जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों की कॉउंसलिंग में की गई पूर्ण सहायता*

*जिले में युक्तियुक्त करण की प्रकिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुआ संपन्न :- कलेक्टर*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर अजीत वसंत ने आज जिले में संपन्न हुए शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के सम्बंध में जानकारी देने हेतु प्रेस वार्ता ली। उन्होंने सभी पत्रकारों को अवगत कराते हुए बताया कि जिले में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्त करण की प्रकिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ है। प्रक्रिया से जिले के पाली, पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रो के अनेक प्राथमिक शालाओं में पहली बार दो शिक्षकों की व्यवस्था हुई है एवं जिले में कोई भी शाला शिक्षकविहीन नही रह गया है। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम 3 शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार व्याख्याताओं की व्यवस्था हुई है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। प्रक्रिया से छात्र शिक्षक अनुपात में कोई बदलाव नही आया है। साथ ही किसी शिक्षक की सेवा या पद की समाप्ति नही हुई है।

उन्होंने बताया कि जिले के एक ही परिसर में संचालित विभिन्न स्तर के शालाओं के समायोजन के उपरांत प्राथमिक शाला के 287 सहायक शिक्षक व 14 प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के 147 शिक्षक, 04 प्रधान पाठक 75 व्याख्याता अतिशेष रहे। जिनकी विभिन्न चरणों मे आयोजित कॉउंसलिंग के माध्यम से नई पदस्थापना की गई है।

कॉउंसलिंग हेतु राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन किया गया है। इस हेतु सर्वप्रथम 60 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षक, महिला, सीएससी, शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं शिक्षक को क्रमानुसार वरीयता अनुसार काउंसलिंग की गई। कॉउंसलिंग में दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक व्यवस्था हेतु प्राथमिकता दी गई है।

कलेक्टर ने बताया कि युक्तियुक्त करण की प्रकिया में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा सभी अतिशेष शिक्षकों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में अतिशेष शिक्षकों की कमी के कारण वर्तमान में केवल 90 प्राथमिक शाला एकलशिक्षकीय रह गए है। जिनकी सूची विभाग द्वारा शासन को भेजी जा रही है। जिससे शासन द्वारा इन विद्यालयों में निर्धारित माप दंड अनुसार शिक्षको की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से इन एकलशिक्षकीय विद्यालय में शाला प्रारम्भ होने के साथ ही अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी।

इस दौरान कलेक्टर ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के सम्बंध में सामने आने वाली सभी भ्रांतियों एवं अफवाहों पर प्रशासन का पक्ष रखते हुए सभी पत्रकारों के जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ दिनेश नाग, जिला शिक्षा अधिकारी टी पी उपाध्याय, कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल सहित विभिन्न प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया एजेंसी के ब्यूरोचीफ, वरिष्ठ पत्रकार व प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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