कोरबा

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त के लिए ई-केवाईसी और फार्मर आईडी अनिवार्य।

उप संचालक कृषि ने की औपचारिकताएं पूर्ण करने की अपील।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आगामी 22वीं किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए जिले के किसानों को अब अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और एग्रीस्टेक पोर्टल पर फार्मर आईडी निर्माण जैसे कार्य पूर्ण कराने होंगे। शासन द्वारा शीघ्र ही अगली किस्त जारी किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन तकनीकी औपचारिकताएं अधूरी होने की स्थिति में पात्र किसान भी लाभ से वंचित हो सकते हैं। इसे देखते हुए उप संचालक कृषि, जिला कोरबा ने जिले के समस्त कृषक परिवारों से अपील की है कि वे समय रहते इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर लें।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि चार माह के अंतराल में दो हजार रुपये की तीन किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। जिले में अब तक 89,178 किसानों का ई-केवाईसी, 87,036 का आधार सीडिंग और 85,867 किसानों का भूमि विवरण मैपिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है या बैंक विवरण में त्रुटि है, तो उनकी किस्त रुक सकती है। विशेष रूप से अब एग्रीस्टेक पोर्टल के अंतर्गत 11 अंकों की ’फार्मर आईडी’ बनवाना भी जरूरी कर दिया गया है। किसान इसे एग्रीस्टेक पोर्टल पर ऑनलाइन स्वयं बना सकते हैं या कृषि विभाग द्वारा गांव-गांव में लगाए जा रहे कैंपों की मदद ले सकते हैं। ई-केवाईसी की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिसे किसान पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी के माध्यम से, सीएससी केंद्रों पर बायोमेट्रिक के जरिए या मोबाइल ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पूरा कर सकते हैं।

योजना के दिशा-निर्देशों के तहत कुछ श्रेणियों को अपात्र घोषित किया गया है। इसमें संवैधानिक पदों के वर्तमान व पूर्व धारक, मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और जिला पंचायतों के अध्यक्ष शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों के नियमित कर्मचारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ व चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर), 10,000 रुपये से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मी, आयकर दाता और पेशेवर डॉक्टर, इंजीनियर, वकील व चार्टर्ड अकाउंटेंट इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। विभाग ने आग्रह किया है कि सभी पात्र किसान अपनी मैपिंग और सीडिंग की स्थिति जांच लें ताकि 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के उनके खाते में पहुंच सके।

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