कोरबा

कोरबा में संचालित “प्रशांति वृद्धाश्रम” को बंद कराने की मांग, कलेक्टर से की शिकायत

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कोरबा (ट्रैक सिटी)। शहर के सर्वमंगला मंदिर के पास संचालित एक वृद्धाश्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासी आयुष गोयल ने जिला प्रशासन को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि यहां “नवदृष्टि प्रशांति वृद्धाश्रम” नाम से एक आश्रम अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है।

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शिकायतकर्ता ने कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा है कि यह आश्रम कई वर्षों से चल रहा है, लेकिन इसका समाज कल्याण विभाग से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। इसके बावजूद आश्रम के बोर्ड और कार्यक्रमों में इसे समाज कल्याण विभाग से संचालित बताया जाता है।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आश्रम के केयरटेकर वीर यादव द्वारा दान में मिलने वाली राशि और सामान का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा है। साथ ही आश्रम परिसर में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान निर्माण किए जाने की भी शिकायत की गई है।


शिकायतकर्ता ने प्रशासन को बताया कि आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के लिए उचित खान-पान और रहने की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण कुछ बुजुर्गों की मृत्यु होने का भी दावा किया गया है। आरोप है कि इन मौतों की जानकारी न तो जन्म-मृत्यु शाखा को दी गई और न ही समाज कल्याण विभाग को।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि नगर निगम से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी, जिसमें निगम ने आश्रम से अपना कोई संबंध नहीं होने की बात कही है।


शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि समाज कल्याण विभाग के नाम का उपयोग कर संचालित हो रहे इस कथित अवैध आश्रम को तत्काल बंद कराया जाए और आश्रम परिसर में बनाए गए अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त और समाज कल्याण विभाग को भी भेजी गई है।

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