कोरबा

डीएमएफ से बदली खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर, मुढ़ापार-कोरबी सड़क बनी विकास की नई पहचान।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने डीएमएफ से जिले के विकास के लिए की है प्लानिंग।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के विकास में बड़ी बाधा बना हुआ था। गांवों की जर्जर सड़कें, विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान, लोगों की परेशानी का प्रमुख कारण थीं। आवागमन बाधित होने से विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने, मरीजों को अस्पताल जाने, किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने तथा ग्रामीणों को दैनिक आवश्यक कार्यों के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार सड़क पर कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता था। इन समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन्हीं विकास कार्यों में ग्राम मुढ़ापार से धतूरा होते हुए कोरबी एवं खम्हरिया तक सड़क के नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य शामिल किया गया। यह लगभग 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में थी। बरसात के मौसम में पूरी सड़क कीचड़ से भर जाती थी, जिससे ग्रामीणों का आवागमन लगभग ठप हो जाता था। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं माननीय विधायक प्रेमचंद पटेल द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए इस सड़क के नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की मांग जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।

ग्रामीणों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 180.93 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। निर्माण एजेंसी ने निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए 15 अप्रैल 2026 को सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया।

सड़क निर्माण पूरा होने के बाद आज मुढ़ापार, धतूरा, कोरबी, खम्हरिया सहित आसपास के अनेक गांवों के लोगों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो रही है। पहले जहां बरसात के दिनों में स्कूल जाने वाले बच्चों, उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों, कृषि कार्यों में लगे किसानों तथा आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब बेहतर सड़क के कारण उनका सफर आसान और सुरक्षित हो गया है। ग्रामीण अब कम समय में जिला मुख्यालय एवं अन्य आवश्यक स्थानों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं। किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक ले जाने में सुविधा मिल रही है, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली है।

इस सड़क ने केवल आवागमन को आसान नहीं बनाया, बल्कि खनन प्रभावित क्षेत्र के गांवों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा दी है। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गई है। इससे गांवों के लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने से उनके दैनिक जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। अब उन्हें आवागमन के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। यह विकास कार्य इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार लोगों के जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव ला सकता है।

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