कोरबा (ट्रैक सिटी)। कोरबा के 100 बेड जिला अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में पार्क की गई एक बाइक चोरी होने के बाद पार्किंग व्यवस्था और वाहन सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। चोरी हुई बाइक का वाहन नंबर 2663 बताया जा रहा है। खास बात यह है कि वाहन मालिक ने पार्किंग के लिए 10 रुपये शुल्क भी जमा किया था और उसके पास इसकी रसीद मौजूद है।
वाहन मालिक के मुताबिक, पार्किंग शुल्क देने के बावजूद उसकी बाइक सुरक्षित नहीं रह सकी और अस्पताल परिसर से चोरी हो गई। घटना के बाद जब उसने पार्किंग स्टैंड में मौजूद कर्मचारियों से बाइक तलाशने में मदद मांगी तो कथित तौर पर उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
चोरी के बाद बनाया वीडियो, स्टैंड में बैठी दिखीं दो युवतियां
बाइक चोरी होने के बाद वाहन मालिक द्वारा अस्पताल परिसर में ही एक वीडियो बनाए जाने की बात सामने आई है। वीडियो में पार्किंग स्टैंड में दो युवतियां बैठी दिखाई दे रही हैं। वाहन मालिक उनसे कथित तौर पर यह पूछता नजर आता है कि उसकी चोरी हुई बाइक को खोजने में पार्किंग स्टैंड की ओर से किस प्रकार की मदद की जा रही है।
आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद युवतियों की ओर से वाहन मालिक को कैमरा हटाने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे “कैमरा हटा लो, वरना तुम्हारा कैमरा तोड़ दूंगी” जैसी धमकी दी गई।
यदि वीडियो में कही गई बातों की पुष्टि होती है तो यह मामला केवल बाइक चोरी और पार्किंग व्यवस्था की लापरवाही तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि पार्किंग स्टैंड में वाहन मालिक के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
शुल्क लिया जाता है तो जिम्मेदारी किसकी?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है, तो वाहन की निगरानी और सुरक्षा को लेकर पार्किंग संचालक की जिम्मेदारी क्या है?
वाहन मालिक का कहना है कि यदि पार्किंग संचालक वाहन खड़ा करने के एवज में शुल्क वसूलता है तो वाहन की निगरानी, पार्किंग व्यवस्था और चोरी जैसी स्थिति में तत्काल सहयोग की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। यदि वाहन की सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं है, तो फिर लोगों से पार्किंग शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है, यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है।
सीसीटीवी और पार्किंग व्यवस्था की जांच की मांग
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग स्थल की सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। बाइक चोरी की घटना के बाद लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से पार्किंग स्थल के सीसीटीवी फुटेज की तत्काल जांच, वाहन चोरी की घटना की गंभीरता से पड़ताल और पार्किंग संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इसके साथ ही सामने आए वीडियो में कथित धमकी के मामले की भी जांच किए जाने की जरूरत है। यदि पार्किंग संचालक या वहां नियुक्त कर्मचारियों द्वारा शिकायतकर्ता को कैमरा तोड़ने की धमकी दिए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर भी सवाल
यह मामला अस्पताल परिसर की पार्किंग व्यवस्था की निगरानी को लेकर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है। पार्किंग का संचालन किसके माध्यम से किया जा रहा है, वाहन सुरक्षा के लिए क्या नियम और शर्तें निर्धारित हैं, पार्किंग शुल्क लेने के बाद संचालक की जिम्मेदारी क्या है और चोरी की घटना के बाद पार्किंग कर्मियों को किस प्रकार कार्रवाई करनी चाहिए—इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है। क्या पार्किंग स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे? क्या बाइक चोरी की घटना में पार्किंग व्यवस्था की भूमिका की जांच होगी? और क्या शिकायतकर्ता के साथ कथित तौर पर की गई धमकी की घटना पर भी कार्रवाई की जाएगी?
पार्किंग शुल्क वसूली के बीच वाहन चोरी और उसके बाद कथित धमकी ने 100 बेड जिला अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जवाबदेही और कार्रवाई का इंतजार है।

