रायपुर

स्वास्थ्य सेवाओं में वैज्ञानिक मूल्यांकन का बढ़ेगा दायरा, HTA पर रायपुर में विशेषज्ञों का मंथन

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रायपुर (ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में सोमवार को State-Level Health Technology Assessment (HTA) Sensitization Meeting का आयोजन संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नवा रायपुर के सभा कक्ष में किया गया।  बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग की जा रही नई तकनीकों, दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य सेवाओं की लागत-प्रभावशीलता  के वैज्ञानिक आकलन तथा इनके आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की प्राथमिकताएं तय करने पर विशेषज्ञों ने मंथन किया।

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ICMR-NIHR, भुवनेश्वर द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के सहयोग से आयोजित बैठक का उद्देश्य राज्य के अधिकारियों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को Health Technology Assessment (HTA) की अवधारणा, प्रक्रिया और उपयोगिता से परिचित कराना था। बैठक में चर्चा हुई कि किसी नई स्वास्थ्य तकनीक, दवा, चिकित्सा उपकरण या स्वास्थ्य हस्तक्षेप को अपनाने से पहले उसके वैज्ञानिक प्रमाण, प्रभावशीलता और लागत-प्रभावशीलता का व्यवस्थित मूल्यांकन किस प्रकार किया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि HTA के माध्यम से स्वास्थ्य तकनीकों के वैज्ञानिक प्रमाण, स्वास्थ्य परिणाम और आर्थिक प्रभाव का आकलन कर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए निर्णय लेने में सहायता मिलती है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिकताएं तय करने तथा साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने की प्रक्रिया को मजबूती मिल सकती है।

बैठक में HTA की अवधारणा, सिद्धांत एवं साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य निर्णयों में इसकी भूमिका पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। ICMR-NIHR की ओर से HTA के व्यावहारिक उपयोग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इसके प्रभाव के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम के संदर्भ में डायग्नोस्टिक टेस्ट की लागत-प्रभावशीलता, AI आधारित Chest X-ray तथा MDR-TB के लिए BPaLM/BPaL दवा रेजिमेन जैसे नवाचारों का उल्लेख किया गया, जिन्हें मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम में अपनाया गया है।

बैठक में   HTA Resource Hub की Principal Investigator; डॉ. कविता राजसेकर, Scientist-F, HTAIn, Department of Health Research, नई दिल्ली; डॉ. सुलग्ना नायक, Project Senior Health Economist (Medical), ICMR-NIHR, भुवनेश्वर; तथा डॉ. देबदत्ता भट्टाचार्य, Scientist-E एवं Hub Coordinator, ICMR-NIHR, भुवनेश्वर सहित विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, ICMR-NIHR तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य संस्थानों के अधिकारी एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

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