कोरबा

पुटका पहाड़ में ‘चलो राम कचहरी’ की तैयारी पूरी, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर निगम ने दी जानकारी

दुर्गम रास्तों, जनजातीय परंपराओं और वन्यजीवों को लेकर उठे सवालों पर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने रखा पक्ष

कोरबा (ट्रैक सिटी)। बालको क्षेत्र के दुर्गम एवं वनाच्छादित पुटका पहाड़ स्थित राम कचहरी में 17 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा ‘चलो राम कचहरी’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। निगम की ओर से आयोजन को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वहीं, दुर्गम रास्तों, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय जनजातीय समुदाय की भागीदारी और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हो रही है। इन पहलुओं पर नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी दी है।

दुर्गम रास्तों और सुरक्षा को लेकर तैयारियां

पुटका पहाड़ तक पहुंचने का मार्ग कठिन होने और क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही की संभावनाओं को देखते हुए आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे थे। इस संबंध में आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर महापौर की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई है। वन विभाग द्वारा रास्तों की मरम्मत करा दी गई है। वहीं, आवागमन और सुरक्षा के इंतजाम नगर निगम तथा पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए हैं।

आयुक्त ने बताया कि वे स्वयं आयोजन स्थल का चार बार दौरा कर चुके हैं। उनके अनुसार, इन दौरों के दौरान उन्हें कोई वन्यजीव दिखाई नहीं दिया। हालांकि, वन क्षेत्र में आयोजन के दौरान सतर्कता और आवश्यक सावधानियां बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

स्थानीय समुदाय के आग्रह पर ग्रीन स्टेज

राम कचहरी स्थानीय पहाड़ी कोरवा सहित विभिन्न जनजातीय समूहों की आस्था और परंपराओं से जुड़ा स्थल माना जाता है। ऐसे में आयोजन के दौरान स्थानीय समुदाय की भावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

आयुक्त ने बताया कि स्थानीय समुदाय के आग्रह पर राम कचहरी से लगभग 200 मीटर दूर ग्रीन स्टेज की व्यवस्था की गई है। इससे आयोजन के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराने के साथ राम कचहरी स्थल की विशिष्टता का ध्यान रखने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों की भी सहभागिता रहेगी।

पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था

निगम आयुक्त के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए पेयजल और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। वन विभाग द्वारा रास्तों की मरम्मत तथा निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा आवागमन एवं सुरक्षा के इंतजाम किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी है।

व्यवस्थाओं के साथ पर्यावरण और परंपराओं का सम्मान जरूरी

पुटका पहाड़ जैसे दुर्गम एवं वनाच्छादित क्षेत्र में आयोजन के दौरान सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनजातीय परंपराओं का सम्मान महत्वपूर्ण है। निगम की ओर से तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। अब आयोजन के दौरान इन व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रतिभागियों की सुरक्षित आवाजाही और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण पर ध्यान रहेगा।

‘चलो राम कचहरी’ कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशासनिक तैयारियों के साथ स्थानीय समुदाय की सहभागिता और क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विशिष्टता के बीच संतुलन बनाए रखना अहम होगा।

Editor in chief | Website | + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button