कोरबा

अमगांव में शासकीय भवन तोड़ने पर प्रशासन ने दी सफाई, जबरन कार्रवाई के आरोप का खंडन

अमगांव में शासकीय भवन तोड़ने पर प्रशासन ने दी सफाई, जबरन कार्रवाई के आरोप का खंडन
कोरबा (ट्रैक सिटी)। हरदीबाजार तहसील अंतर्गत ग्राम अमगांव में एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि पर स्थित शासकीय भवनों को कथित रूप से जबरन एवं बलपूर्वक तोड़े जाने संबंधी प्रकाशित समाचार पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसका खंडन किया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी संचालित शासकीय संस्था को बिना प्रशासनिक समन्वय के जबरन हटाकर भवन नहीं तोड़ा गया है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अमगांव में खदान क्षेत्र के समीप स्थित पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी भवन और छात्रावास पहले से ही जर्जर स्थिति में थे। खदान क्षेत्र के नजदीक होने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संस्थानों को भवनों को हटाने की कार्रवाई से पहले ही वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था।
प्रशासन के मुताबिक, पटवारी कार्यालय को करीब दो माह पहले तहसील कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था। वहीं छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्र को भी अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था।
स्वास्थ्य केंद्र भी पहले किया गया स्थानांतरित
जिला प्रशासन ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन भी खदान क्षेत्र के नजदीक होने के कारण सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना आवश्यक था। इस संबंध में संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्र के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया था।
इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी भवनों के विध्वंस की कार्रवाई से करीब दो दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से संचालित की जा रही हैं।
जर्जर और निष्प्रयोज्य भवन हटाने की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि खदान क्षेत्र के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और भवनों की जर्जर स्थिति को देखते हुए संबंधित शासकीय संस्थानों को पहले ही वैकल्पिक स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका था। इसके बाद एसईसीएल द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय एवं सहयोग से निष्प्रयोज्य एवं जर्जर शासकीय भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी संचालित शासकीय कार्यालय अथवा संस्था को जबरन या बलपूर्वक तोड़े जाने संबंधी खबर तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
ग्रामीणों की मांगों पर एसईसीएल से समन्वय जारी
प्रशासन ने यह भी बताया कि ग्राम हरदीबाजार सहित खदान प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की रोजगार, पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर एसईसीएल प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। ग्रामीणों से संबंधित विषयों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की बात भी जिला प्रशासन ने कही है।

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