बिलासपुर

“आइडियाथॉन 2026” में विद्यार्थियों ने दिखाया नवाचार का दम, डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच को मिला प्रथम पुरस्कार

कोडविद्या और एसईसीएल के “माई स्कूल माई स्टार्टअप” अभियान के तहत डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार में हुआ आयोजन

बिलासपुर(ट्रैक सिटी)। कोडविद्या इंडिया प्रा. लि. द्वारा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सहयोग से बुधवार को वसंत विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में “आइडियाथॉन 2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चयनित शीर्ष 10 टीमों ने अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने रोबोट एवं विभिन्न प्रोटोटाइप के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक और नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए।

विद्यार्थियों ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बेहतर तालमेल से ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए, जो रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखते हैं। सभी टीमों ने निर्णायकों एवं अतिथियों के समक्ष अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन आइडिया की मौलिकता, तकनीकी समझ और समाधान की उपयोगिता के आधार पर किया गया।

यह परियोजना कोडविद्या द्वारा एसईसीएल के सहयोग से एसईसीएल के अंतर्गत संचालित सभी 9 डीएवी स्कूलों में चलाई जा रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास रहे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारी विचारों एवं मॉडलों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

मीडिया से चर्चा में दास ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और इस तरह के मंच उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने तथा आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में नवाचार और नई प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। आज के ये युवा नवाचारी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में मानव जीवन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच को मिला पहला पुरस्कार

मूल्यांकन के बाद विजेता टीमों की घोषणा की गई। “डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच” के आइडिया को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। एआई शिक्षकों वाले ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹30,000, जबकि आम लोगों की कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए तैयार “न्याय मित्र” वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म को तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

“नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें विद्यार्थी”

कोडविद्या के संस्थापक शिवराम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि “माई स्कूल माई स्टार्टअप” विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और समस्या समाधान की सोच विकसित करने का प्रयास है।

डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य के. पार्थिपन ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रोबोट एवं प्रोटोटाइप उनकी रचनात्मकता और तकनीकी समझ को प्रदर्शित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में कोडविद्या के प्रोजेक्ट मैनेजर चैतन्य ने अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

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