कोरबा

आयुर्वेद का चमत्कारः 3 साल की बच्ची आर्या सोनी को आयुर्वेद की पुड़िया वाली दवाइयों से मिला श्वास वाली अटैक से छुटकारा।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ आयुर्वेद की चमत्कारी शक्ति एक बार फिर से सामने आई है, जब एक 3 साल की बच्ची को आयुर्वेद एक्सपर्ट द्वारा दी गई आयुर्वेद की पुड़िया वाली दवाइयों से श्वास वाली अटैक आना हुआ बंद। यह चमत्कार उस समय सामने आया जब बच्ची की मां प्रियंका सोनी ने आयुर्वेद पर भरोसा जताने का फैसला किया और कोरबा के आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा से संपर्क किया। कोतमा निवासी प्रियंका सोनी ने बताया कि उनकी 3 साल की बच्ची आर्या सोनी बचपन से ही श्वास संबंधी दिक्कतों से पीड़ित थी। वह सांस नहीं ले पाती थी और उसके फेफड़े कमजोर थे। अक्सर उसे नेबुलाइजेशन डॉक्टर द्वारा दिया जाता था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच, प्रियंका सोनी की परिचित ने उन्हें आयुर्वेद अपनाने की सलाह दी और कोरबा के आयुर्वेदाचर्य नाड़ी वैद्य डाक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा से मिलने की सलाह दी। फिर प्रियंका सोनी ने भी आयुर्वेद पर भरोसा जताने का फैसला किया और कोतमा से कोरबा आकर डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा से संपर्क किया

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने बच्ची आर्या सोनी का प्रकृति परीक्षण किया और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों वाली पुड़िया दी। इस पुड़िया को आर्या सोनी को 1 महीने तक दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह पूरी तरह से स्वस्थ हो गई। अब आर्या सोनी को श्वास वाली अटैक नहीं आती है और वह अपने जीवन को सामान्य रूप से जी रही है। इस चमत्कार के बारे में बात करते हुए, डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया की, आयुर्वेद में प्रकृति की शक्ति है, जो हमें बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकती है। इस मामले में, हमने जड़ी बूटियों का उपयोग करके बच्ची के फेफड़ों को मजबूत बनाने और श्वास वाली अटैक को रोकने में सफलता प्राप्त की।

यह मामला आयुर्वेद की चमत्कारी शक्ति का एक और उदाहरण है, जो हमें प्रकृति की शक्ति और आयुर्वेद के महत्व को समझने में मदद कर सकता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा की यह उपलब्धि न केवल आर्या और उसके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी एक प्रेरणा है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button