कार्यालय समय के बाद कक्ष में प्रवेश, कथित धमकी और सोशल मीडिया पर आरोपों के प्रसार का मामला; निष्पक्ष जांच की मांग
कोरबा (ट्रैक सिटी)। नगर पालिक निगम कोरबा की प्रभारी कार्यपालन अभियंता रुचि साहू ने ठेकेदार अंकुश मिश्रा के खिलाफ निगम की आंतरिक शिकायत समिति (विशाखा समिति) में शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में उन्होंने कार्यालय समय के बाद बिना अनुमति कक्ष में प्रवेश करने, कथित तौर पर धमकीपूर्ण एवं असम्मानजनक व्यवहार करने और उनके विरुद्ध कथित आरोपों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की जांच कराने की मांग की है।
कार्यालय समय के बाद कक्ष में प्रवेश का आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद ठेकेदार अंकुश मिश्रा उनके कक्ष में पहुंचे। रुचि साहू का आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार को बाहर जाने और उचित समय पर आने के लिए कहा, लेकिन उनके अनुसार ठेकेदार तत्काल बाहर नहीं गए। उन्होंने इसे असहज करने वाला बताते हुए मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना उत्पन्न होने की बात कही है। शिकायत में पूर्व में भी कार्यालय समय के बाद बिना अनुमति कक्ष में प्रवेश किए जाने का उल्लेख किया गया है।
सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित करने की शिकायत
रुचि साहू ने शिकायत में ठेकेदार अंकुश मिश्रा, असलम खान और एक पोर्टल संचालक पर उनके विरुद्ध कथित आरोपों से संबंधित सामग्री और मीम्स व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस सामग्री में उनकी व्यक्तिगत फोटो का इस्तेमाल भी किया गया, जिससे उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई तथा उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
भुगतान की फाइल को लेकर अपना पक्ष रखा
ठेकेदार की ओर से भुगतान की फाइल रोकने और पैसे की मांग किए जाने संबंधी आरोपों को रुचि साहू ने निराधार बताया है। शिकायत में उन्होंने उल्लेख किया है कि मेसर्स के.पी. शर्मा, कोरबा से संबंधित 34,176 रुपये की पीजी राशि वाली फाइल 28 सितंबर 2026 को उनके समक्ष प्रस्तुत हुई थी। उनके अनुसार, उसी दिन उन्होंने प्रतिवेदन के लिए फाइल सहायक अभियंता और उप अभियंता को भेज दी थी। शिकायत में कहा गया है कि उप अभियंता ने 30 सितंबर को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया था। इसी आधार पर रुचि साहू ने फाइल रोकने और पैसे की मांग करने के आरोपों को खारिज किया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
रुचि साहू ने विशाखा समिति से शिकायत दर्ज कर उपलब्ध साक्ष्यों, व्हाट्सएप संदेशों, स्क्रीनशॉट और संबंधित गवाहों के विवरण के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कार्यस्थल पर सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने तथा शिकायत के कारण किसी भी प्रकार के प्रतिकूल व्यवहार से संरक्षण देने की भी मांग की है।
मामले में फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप और उनका पक्ष सामने आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ठेकेदार अंकुश मिश्रा का पक्ष इस समाचार में शामिल नहीं है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा।

