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एनजीओ के सहयोग से वेदांता एल्यूमिनियम ने 5 लाख लाभार्थियों के जीवन पर डाला सकारात्मक प्रभाव

कंपनी अपने प्रचालन स्थलों पर 20 से ज्यादा एनजीओ के साथ काम करते हुए ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है

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नई दिल्ली, ट्रैक सिटी: विश्व एनजीओ दिवस के मौके पर भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक वेदांता एल्यूमिनियम ने बताया कि गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ मिलकर की जा रही उनकी कोशिशों ने अकेले वित्तीय वर्ष 2023 में ही 5 लाख लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव को मुमकिन किया है। अगर कुल मिलाकर देखें तो बीते वित्तीय वर्ष में कंपनी के सामाजिक हस्तक्षेपों ने 6.30 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। कंपनी 20 से अधिक एनजीओ के साथ मिलकर सामुदायिक जरूरतों, सरकार के विकासात्मक कार्यक्रमों एवं संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के मुताबिक सामाजिक-आर्थिक प्रगति के लिए सक्रियता से काम किया है।

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वेदांता एल्यूमिनियम के प्रचालनों में शामिल हैं: दुनिया के सबसे बड़े एल्यूमिनियम स्मेल्टरों में से एक जो झारसुगुडा में स्थित है, ओडिशा के लांजिगढ़ में विश्व स्तरीय एल्यूमिना रिफाइनरी तथा कोरबा, छत्तीसगढ़ में स्थित भारत की आईकॉनिक एल्यूमिनियम उत्पादक बालको तथा वृद्धि करता हुआ खनन क्षेत्र। ये सभी प्रचालन मिलकर ग्रामीण भारत के कई इलाकों में बहुआयामी ग्रामीण निर्धनता को कम करके तथा उद्यम एवं रोजगार के अवसर पैदा कर के इन समुदाय को सामाजिक-आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं। कंपनी के सामाजिक कल्याण हस्तक्षेप पांच विषयगत क्षेत्रों पर आधारित हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और जमीनी स्तर पर खेलों, कला व संस्कृति के साथ महिला व बाल विकास पर केन्द्रित हैं।

एनजीओ की मदद से कंपनी ग्रामीण समुदाय में गहरी पैठ बना पाती है जिससे संगठन को समुदायों के सामाजिक तानेबाने एवं रीति-रिवाजों की जानकारी प्राप्त होती हैं। ये संगठन वैज्ञानिक आधार पर आवश्यकताओं की समीक्षा करते हैं ताकि समुदायों की जरूरतों का पता लगाया जाए और वे वेदांता एल्यूमिनियम के सामाजिक सहयोग से लाभ प्राप्त कर सकें। कल्याकारी पहलों के लिए कार्यक्रम संबंधी दृष्टिकोण विकसित किया जाता है तथा उनके असर को मापने के लिए नियमित रूप से मूल्यांकन भी होता है। इन निर्णायक निष्कर्षों के आधार पर एनजीओ जारी कार्यक्रमों में संशोधन या इजाफा करते हैं।

वेदांता एल्यूमिनियम के साथ काम करने वाले प्रत्येक एनजीओ सहभागी का चयन कड़ी प्रक्रिया के बाद किया जाता है। एनजीओ को अपने साथ जोड़ लेने के बाद परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं असर पर करीबी से निगाह रखी जाती है। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक सहयोगियों की नियमित ऑडिटिंग की जाती है। समुदायों को स्वावलम्बी बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ पहलें की जाती हैं। प्रोजेक्ट माइलस्टोन इस प्रकार डिजाइन किए जाते हैं कि अंततः समुदाय के लोग उसका पूरा दायित्व स्वयं ले लें।

वेदांता एल्यूमिनियम के सीईओ श्री जॉन स्लेवन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021 और 2023 के मध्य हमारे सामुदायिक निवेश में 45 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हुई है जो दर्शाती है कि जिन समुदायों के बीच हमारा प्रचालन है उनके सम्पूर्ण विकास हेतु हम कितने प्रतिबद्ध हैं। एनजीओ के साथ रणनीतिक साझेदारी स्थापित कर के हम अपनी साझी शक्तियों के बल पर अपने समुदाय के लोगों के हित में प्रभावशाली सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की रचना व उनका अमल कर रहे हैं। वेदांता एल्यूमिनियम में हमारा मानना है कि समाज के सभी तबकों को सशक्त बना कर ही समावेशी विकास किया जा सकता है। एनजीओ के संग हमारी भागीदारी – परिवर्तनकारी एवं सतत विकास के जरिए – इस मोर्चे पर उल्लेखनीय काम कर रही है।’’

कंपनी निरंतर सहभागिताएं कर रही है जिनके तहत बड़े पैमाने पर विषय के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है; उदाहरण के लिए पुनरुत्थान वॉलेंट्री ऑर्गेनाइज़ेशन ओडिशा में जरूरत स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिए 2 लाख से अधिक लाभार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। इसी तरह, सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कंपनी ने प्रोजेक्ट नई किरण शुरु किया है, यह परिवर्तनकारी प्रोजेक्ट ग्रामीण लड़कियों के बीच बेहतर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने पर केन्द्रित है।

वेदांता एल्यूमिनियम ने वेदांता फाउंडेशन के साथ मिलकर कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए हैं जिनके जरिए ग्रामीण युवाओं को इलेक्ट्रिकल्स व टेलरिंग जैसे व्यवसायों का प्रशिक्षण देकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाई जाती है। एक्शन फॉर फूड प्रोडक्शन (एएफपीआरओ) के सहयोग से कंपनी आधुनिक कृषि पद्धतियों एवं खाद्य सुरक्षा को प्रोत्साहित कर रही है। झारसुगुडा में ’जीविका समृद्धि’ और कोरबा में ’मोर जल मोर माटी’ जैसी पहल की गई हैं। इसके अलावा कंपनी स्पोर्ट्ज़ विलेज फाउंडेशन के साथ मिलकर ग्रामीण युवाओं को तीरंदाज़ी व कराटे का प्रशिक्षण प्रदान कर रही है और इन युवाओं ने राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कार जीते हैं।

इन पहल के प्रभाव के बारे में एक्शन फॉर फूड प्रोडक्शन (एएफपीआरओ) के कार्यकारी निदेशक डॉ जैकब जॉन ने कहा कि वेदांता एल्यूमिनियम के सहभागिता द्वारा हजारों किसानों पर परिवर्तनकारी प्रभाव सुनिश्चित कर रहे हैं तथा युवा पीढ़ी हेतु कृषि को एक सस्टेनेबल आजीविका के तौर पर पुनः स्थापित कर रहे हैं। महाशक्ति फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक श्री जुगल पटनायक ने कहा कि हमने उद्यमिता कार्यक्रमों के लिए वेदांता एल्यूमिनियम से साझेदारी की है जिनके तहत ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की मदद की जा रही है ताकि वे अपने परिवार के कल्याण हेतु समझ भरा निर्णय ले पाएं तथा अपने समुदाय के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

इस वर्ष के विश्व एनजीओ दिवस की थीम-’’एक सतत भविष्य का निर्माणः सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका’’ के माध्यम से कंपनी अपने प्रचालन क्षेत्रों में समुदायिक जीवन को सक्रियता से समृद्ध कर रही है तथा सम्मिलित सामाजिक-आर्थिक प्रगति एवं वृद्धि में अभिन्न योगदाताओं के तौर पर उन्हें पहचान दे रही है।

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