कोरबा

कलेक्टर श्री झा ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में शामिल होकर पिट्ठुल और बिल्लस खेलकर खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए नागरिकों से की अपील,  खिलाड़ियों से मिलकर दी शुभकामनाएं

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कोरबा/कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पारंपरिक खेलों के महत्व को बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर संजीव झा ने नगर निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत दर्री में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में  शामिल होकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

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उन्होंने खेल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से मिलकर खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्री झा ने इस दौरान छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल पिट्ठूल और बिल्लस खेल कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने नागरिकों से पारंपरिक खेलों का महत्व बढ़ाने और प्राचीन खेलो को जीवंत बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भी की। जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में खेलने के लिए गांव के बच्चों से लेकर बड़ो में बहुत उत्साह नजर आ रहा है। गांव से लेकर शहर तक में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। जिले में गांव-गांव में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के माध्यम से पारम्परिक खेल गिल्ली-डंडा, लंगड़ी दौड़, पिट्ठुल, रस्साकसी, फुगड़ी, भौंरा, खो-खो सहित अन्य खेलों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के खेल प्रतिभाओें को आगे बढ़ाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है की 6 अक्टूबर से शुरू हुए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 6 जनवरी 2023 तक चलेगा। इस दौरान  दलीय एवं एकल श्रेणी में 14 तरह के पारम्परिक खेल गिल्ली डंडा, पिट्टूल, लंगड़ी दौड़, बांटी, बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा खेल का आयोजन होगा।  जिले के ग्रामीण क्षेत्रों सहित सहित अन्य नगरीय क्षेत्रों में युवा मितान क्लब स्तरीय प्रतियोगिता का शुरूआत किया गया। जिसमें गांव के युवाओं बच्चों महिलाओं सहित बुजुर्गाे ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक की शुरूआत राजीव युवा मितान क्लब स्तर से शुरू हुई है।

इसके बाद बाद जोन स्तरीय, फिर विकासखंड, नगरीय क्लस्टर स्तर, जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस प्रतियोगिता में युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हो सकते हैं। पुरूषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्पर्धा के साथ ही टीम एवं एकल स्तर पर प्रतियोगिताएं होगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में पारम्परिक खेल प्रतियोगिताएं दो श्रेणी में होंगी। इसमें दलीय श्रेणी गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ एवं लम्बी कूद शामिल है।

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