विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने SECL मुख्यालय पर ताला लगा दिया।
SECL GM ने कहा: मांगें उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर, उच्चाधिकारियों से करेंगे बात।
कोरबा (ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार में तनाव व्याप्त है, जहां SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) गेवरा खदान के एक नए प्रोजेक्ट के लिए सरकारी अस्पताल और अन्य सरकारी इमारतों को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि लामबंद हो गए हैं और उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई, मरीज हुए परेशान
शुक्रवार को हुई इस अचानक कार्रवाई ने सबको चौंका दिया। बताया जा रहा है कि हरदीबाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवन पर उस समय बुलडोजर चलाया गया, जब वहां कई लोग इलाज कराने पहुंचे हुए थे। अस्पताल टूटने की खबर मिलते ही मरीज और उनके परिजन दहशत में आ गए और उन्हें बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्रवाई की उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। CHC के एक कर्मचारी संतोष ने बताया कि प्रशासन की टीम ने दबाव बनाकर बलपूर्वक कार्रवाई की और उन्हें जरूरी दस्तावेज व दवाइयां बाहर निकालने का पर्याप्त समय भी नहीं दिया, जिसके कारण बहुत सा सामान मलबे में दब गया।
अस्पताल के साथ हॉस्टल, आंगनबाड़ी भी जमींदोज
कार्रवाई सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं रही। प्रशासन ने छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र और पटवारी कार्यालय को भी ढहा दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के इलाज का मुख्य सहारा था और इसके टूटने से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि जहां स्वास्थ्य केंद्र को शिफ्ट किया गया है, वहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं।
विधायक के नेतृत्व में तालाबंदी और प्रदर्शन
इस घटना के विरोध में शनिवार को बड़ा जनसैलाब उमड़ पड़ा। कटघोरा से भाजपा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में हरदीबाजार, सराई सिंगार, रेंकी और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण दीपका स्थित SECL के मुख्य महाप्रबंधक (GM) कार्यालय पहुंचे। उग्र प्रदर्शन के बीच, प्रदर्शनकारियों ने महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
ग्रामीणों की कड़ी मांगें और SECL का रुख
ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। वे 100 प्रतिशत मुआवजा, प्रभावित परिवारों के लिए नौकरी, नई बसाहट व पुनर्वास और तत्काल वैकल्पिक अस्पताल की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान दीपका के GM अशोक कुमार ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। GM अशोक ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा की जा रही मांगें उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं और वे इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात कर आगे की कार्रवाई करेंगे। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और ग्रामीण न्याय मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

