गरियाबंद

तेंदुआ सुरक्षित पिंजरे में कैद, वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा

ग्राम केरावाहारा में पकड़ा गया तेंदुआ, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगी आगे की कार्रवाई

वन विभाग की बड़ी सफलता, केरावाहारा में केज ट्रैप में फंसा तेंदुआ, ग्रामीणों से अफवाहों से बचने की अपील

गरियाबंद (ट्रैक सिटी)/ गरियाबंद वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र गरियाबंद के ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में पिछले कुछ समय से तेंदुए की लगातार गतिविधियों के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। विभाग द्वारा लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया।

वनमण्डलाधिकारी ससिगानंदन के ने बताया कि तेंदुए ने पूर्व में क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला किया था तथा विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास उसकी मौजूदगी की सूचना लगातार मिल रही थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की थी।

वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के.,  उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए गए थे। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों सहित तैनात किया गया था। इस कार्रवाई के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति एवं निर्देश भी प्राप्त थे।

वन विभाग की सतत निगरानी और सुनियोजित रणनीति के तहत तेंदुआ शुक्रवार को सुरक्षित रूप से पिंजरे में आ गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को सुरक्षित करते हुए तेंदुए की गतिविधियों तथा स्वास्थ्य पर निगरानी शुरू कर दी। विभाग ने तेंदुए को बिना किसी प्रकार की क्षति पहुंचाए सुरक्षित रखा है तथा मौके पर भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान उसकी शारीरिक स्थिति, संभावित चोट या बीमारी, शारीरिक क्षमता तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। तेंदुए से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल निकटतम वन अमले को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button