कोरबा(ट्रैक सिटी) नवरात्रि पर्व के दौरान जिलेभर में माता रानी की आराधना, आकर्षक झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डांस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) के प्रमुख जितेंद्र सारथी ने सभी आयोजन समितियों से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जीवित सांपों का प्रदर्शन नहीं करने की अपील की है।
जितेंद्र सारथी ने कहा कि नवरात्रि आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। सभी समितियां इस पर्व को उत्साह और भव्यता के साथ मनाएं, लेकिन इसके साथ वन्यजीवों की सुरक्षा, आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और कानून का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि झांकियों, डांस प्रतियोगिताओं, धार्मिक प्रस्तुतियों या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जीवित सांपों को शामिल करने से बचना चाहिए। बाहर से बुलाए जाने वाले कलाकारों और अन्य व्यक्तियों को भी सांपों के साथ नृत्य, करतब या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अपील किसी धर्म, धार्मिक परंपरा या श्रद्धालुओं की भावनाओं के विरुद्ध नहीं है, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखकर की गई है। भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और नागों के प्रति सम्मान हमारी धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में जीवित सांपों का उपयोग किए बिना भी आकर्षक और भव्य धार्मिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा सकती हैं। इसके लिए कृत्रिम सांपों, प्रतिकृतियों और अन्य सुरक्षित कलात्मक माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सांपों और आम लोगों, दोनों के लिए जोखिमपूर्ण प्रदर्शन
जितेंद्र सारथी ने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जीवित सांपों को लाना और उनके साथ प्रदर्शन करना सांपों के लिए तनावपूर्ण तथा लोगों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसी गतिविधियों में वन्यजीव संरक्षण से संबंधित कानूनों का उल्लंघन होने की स्थिति भी बन सकती है। उन्होंने आयोजन समितियों से अपील की कि वे अपने कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि को बढ़ावा न दें।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि का उत्सव भक्ति, सद्भाव और सकारात्मक संदेश का प्रतीक है। इसलिए सभी समितियां धार्मिक आस्था के साथ वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएं और सुरक्षित, सुंदर तथा आकर्षक आयोजनों के माध्यम से समाज में जागरूकता का संदेश दें।

