कोरबा

“प्रधान पाठक पदोन्नति निरस्ती की जवाबदारी तय हो”

जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारियों पर हो एफ आई आर - ओम प्रकाश बघेल

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कोरबा / प्रदेश में शिक्षक एल बी संवर्ग के लंबी सेवा एवं लम्बे संघर्षों के बाद सहायक शिक्षकों के सेवा जीवन मे प्रधान पाठक पदोन्नति जैसे उत्साह से भरी सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वन टाइम रिलैक्सेशन प्रदान करते हुए शिक्षा विभाग में 3 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सहायक शिक्षकों को प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति का आदेश /निर्देश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को प्राप्त हुआ,इसी कड़ी में कोरबा जिले के 1145 वरिष्ठ सहायक शिक्षकों को जिले के प्राथमिक शालाओं में प्रधान पाठक के रिक्त पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए 14 अक्टूबर 2022 को पदोन्नति आदेश जारी की गई, किंतु पदोन्नति प्रक्रिया में संलग्न कर्मचारी एवं अधिकारियों के अदूरदर्शी कार्यप्रणाली के कारण सहायक शिक्षकों के लिए प्रधान पाठक बनना एक बार फिर मुंगेरीलाल का सपना साबित हुआ। हुआ यूँ कि सक्षम अधिकारी के संरक्षण में सहायक शिक्षकों के प्रधान पाठक पदोन्नति में लोक शिक्षण संचनालय के दिशा निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए अपने संजोए कोरी सपने के अनुरूप नियम के प्रतिकूल संकुल के अंतर्गत संस्थाओं में रिक्त पद होने के फलस्वरूप भी दिव्यांगों, महिलाओं एवं अन्य पदोन्नत सहायक शिक्षकों को 70 से 80 किलोमीटर दूर पदस्थापनाए दी गई थी चुँकि अपने चहेतों को एक ब्लॉक से अन्य ब्लॉक मनचाही स्थान प्रदान की गई यहां तक कि पदोन्नति आदेश जारी तिथि के 4 दिन पश्चात भी पदोन्नत प्रधान पाठकों को आदेश प्रदान नहीं किया गया इस बीच दूरदराज पदस्थापना प्राप्त करने वाले सहायक शिक्षकों के पदोन्नति आदेश में प्रायोजित तरीके से रातों-रात संशोधन की कार्यवाही धड़ल्ले से जारी रहा। पदोन्नत सहायक शिक्षकों को आदेश देने में विलंब एवं रातों रात होने वाले आदेश में संशोधन से बड़ी भ्रष्टाचार होने की जानकारी प्राप्त हुई जिससे विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों को नागवार गुजरा, पदाधिकारियों द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शी एवं नियम के अनुकूल पदोन्नत करने संबंधित अधिकारियों से गुजारिश की गई किंतु पदाधिकारियों की मौखिक शिकायतों को अनदेखा किया गया और पदोन्नति प्रक्रिया में संलग्न कर्मचारी अधिकारियों के द्वारा घोर अनियमितता बरती गई यहां तक की कई ब्लॉक मे रिलीविंग एवं जॉइनिंग के नाम पर पदोन्नत सहायक शिक्षकों से लम्बी रकम की उगाही की गई जब अनियमितता एवं भ्रस्टाचार की पानी सर से ऊपर हो गई तो प्रभावित सहायक शिक्षकों की ओर से श्रीमान कलेक्टर कोरबा संजीव झा एवं लोक शिक्षण संचनालाय के संचालक सुनील जैन तक शिकायत की गई। शिकायत के आधार पर कलेक्टर कोरबा द्वारा पदोन्नति सूची निरस्त की गई,।
*नियम के विपरीत पदोन्नति सूची तैयार करने वाले कर्मचारी अधिकारियों की गलत कार्यप्रणाली के कारण पदोन्नति हुई निरस्त*

छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष ओम प्रकाश बघेल, छ ग शिक्षक संघ बिलासपुर संभाग के संभागीय उपाध्यक्ष तरुण सिंह राठौर, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष एस एन शिव, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष एस के द्विवेदी द्वारा संयुक्त रुप मांग की गई है कि पदोन्नति सूची तैयार करने वाले कर्मचारी अधिकारी किसके दबाव एवं किसके संरक्षण में लोक शिक्षण संचनालय के दिशा निर्देश के प्रतिकूल नियम को ताक में रखते हुए अनियमितता बरती गई, संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मौखिक शिकायत पर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गंभीरता से संज्ञान क्यों नहीं लिया गया । प्रधान पाठक पदोन्नति सूची किन कारणों से निरस्त हुई संबंधित संलग्न कर्मचारी अधिकारियों की जवाबदारी तय होनी चाहिए इस संबंध में उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की गई है साथ ही यह भी मांग की गई है कि संबंधित कर्मचारी अधिकारियों पर दोष सिद्ध होने की स्थिति में उनके खिलाफ एफ आई आर की भी कार्यवाही तय होनी चाहिए जिससे कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना किया जा सके और कर्मचारियों को उनका जायज हक एवं अधिकार बिना अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के प्राप्त हो सके ।

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