कोरबा

मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम और प्रभावितों को समय पर मुआवजा देने के निर्देश।

अवैध हुकिंग पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को कार्यवाही के दिए निर्देश।

*हाथी प्रभावित क्षेत्रों के धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर जोर*

*कलेक्टर की अध्यक्षता में मानव-हाथी द्वंद रोकने गठित समिति की बैठक आयोजित*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए गठित समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में हाथियों से प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा समय पर उपलब्ध कराने, संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था करने और मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाथियों से फसल नुकसान की स्थिति में पटवारियों से समय-सीमा के भीतर आवश्यक रिपोर्ट तैयार कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र मिल सके। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से मुआवजा प्रक्रिया और उससे जुड़ी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने को भी कहा। हाथियों के विचरण क्षेत्रों में विद्युत तारों से की जाने वाली अवैध हुकिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए। कलेक्टर ने हाथियों को करंट से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने और विद्युत तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर रखने को कहा। बैठक में लाइनमैन को अवैध हुकिंग की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

हाथी प्रभावित क्षेत्रों में संचालित धान खरीदी केंद्रों को संवेदनशील केंद्रों के रूप में चिह्नित कर वहां सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने उप-पंजीयक सहकारिता और खाद्य विभाग को निर्देशित किया कि केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों को खुले में सोने से रोका जाए और उनके लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए। उन्होंने इन केंद्रों में सुरक्षा उपायों के साथ जरूरी अधोसंरचना उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। बैठक में हाथियों से प्रभावित मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा सहायता देने की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश पुलिस और वन विभाग को दिए गए। जंगलों में अवैध शराब निर्माण की शिकायतों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आबकारी विभाग को पुलिस और वन विभाग के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बैठक के एजेंडे प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि सर्पदंश, किंग कोबरा सहित जहरीले सांपों के रेस्क्यू के लिए वन विभाग के साथ नोवा नेचर की टीम उपलब्ध रहती है। सूचना मिलने पर टीम सामान्यतः 10 से 15 मिनट के भीतर पहुंच सकती है। आवश्यकता पड़ने पर कोई भी विभाग टीम को सूचित कर सकता है। किसानों की ओर से जंगली हाथियों और जंगली सूअरों से फसलों तथा सब्जियों की सुरक्षा के लिए खेतों और बाड़ियों की घेराबंदी पर भी चर्चा की गई। बाजार में तार फेंसिंग के लिए उपयोग होने वाले तारों की बिक्री संबंधी सूची वन परिक्षेत्र कार्यालय में उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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