कोरबा(ट्रैक सिटी)। कोरबा के घंटाघर परिसर में नगर निगम द्वारा स्थापित किया गया विशाल तिरंगा कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होता नजर आ रहा है। देश की आन-बान-शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज फटे हुए कपड़े के साथ लहराता दिखाई दे रहा है। तस्वीर सामने आने के बाद अब नगर निगम की व्यवस्था और तिरंगे के रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घंटाघर परिसर में बड़े आकार का तिरंगा लगाए जाने के बाद इसे शहर के सौंदर्यीकरण और देशभक्ति के प्रतीक के तौर पर देखा गया था। बताया जा रहा है कि इसके स्थापना कार्य में बड़ी राशि खर्च की गई थी।
लेकिन कुछ ही महीनों में तिरंगे का कपड़ा फटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। तस्वीरों में तिरंगे का कपड़ा फटा हुआ और अस्त-व्यस्त स्थिति में नजर आ रहा है।
अब सवाल उठ रहा है कि तिरंगे के निर्माण में किस गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था और इसके नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है?
यदि मौसम की वजह से तिरंगा क्षतिग्रस्त हुआ, तो नियमित निगरानी क्यों नहीं की गई? और यदि स्थापना व रखरखाव पर बड़ी राशि खर्च की गई है, तो इतनी कम अवधि में तिरंगे की हालत खराब होने के कारणों की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए?
शहरवासियों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त तिरंगे को तत्काल सम्मानपूर्वक हटाकर नया तिरंगा लगाया जाए। साथ ही तिरंगे की लागत, स्थापना, सामग्री की गुणवत्ता और रखरखाव पर खर्च की गई राशि की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
फिलहाल घंटाघर में फटा हुआ तिरंगा नगर निगम की व्यवस्था और रखरखाव पर सवाल खड़े कर रहा है। जरूरत सिर्फ नया तिरंगा लगाने की नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने की भी है।

