कोरबा (ट्रैक सिटी)/ वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने पावर डिवीजन में रासायनिक रिसाव (केमिकल स्पिलेज) की स्थिति से निपटने के लिए सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल आयोजित की। यह अभ्यास 1200 मेगावाट यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में किया गया, जिसका उद्देश्य आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करना था।
कोरबा जिला प्रशासन की उपस्थिति में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आयोजित मॉक ड्रिल में प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें विजय सिंह पोटाई (डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी, कोरबा), देवेंद्र पटेल (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, कोरबा), सरोज महिलांगे (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट, कोरबा), प्रमोद नायक (जिला खनन अधिकारी), राकेश द्विवेदी (सब डिवीजनल ऑफिसर, पीडब्ल्यूडी), श्रीमती नम्रता वर्मा (असिस्टेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी), नगर निगम फायर टीम तथा जिला अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीम शामिल थीं।

कंपनी की ओर से आपातकालीन नेतृत्व में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार (चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर), संगीत साहू (साइट इंसिडेंट कंट्रोलर), मयंक श्रीवास्तव (वर्क इंसिडेंट कंट्रोलर), तथा भारतेंदु कमल पांडे (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) के तौर पर उपस्थित थे।
मॉक ड्रिल के दौरान कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रिसाव की आभासी स्थिति बनाई गई। रिसाव का पता चलते ही ऑपरेटर ने तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और रेस्क्यू टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया। सभी आपातकालीन टीमें तेजी से मौके पर पहुंचीं और तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। सफलतापूर्वक रिसाव को रोकने और स्थिति सामान्य होने के बाद साइट इंसिडेंट कंट्रोलर ने आपातकाल समाप्त घोषित किया और समीक्षा बैठक आयोजित की।
कोरबा के डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी विजय सिंह ने बालको की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न टीमों के बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल औद्योगिक और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह मॉक ड्रिल बालको की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि संयंत्र में सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार की मॉक ड्रिल हमारी ‘सुरक्षा प्रथम’ संस्कृति को मजबूत करती हैं और हमें किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रखती हैं। नियमित अभ्यास, आधुनिक संसाधनों और बेहतर समन्वय के माध्यम से हम अपने कर्मचारियों और आसपास के समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।”

