कोरबा

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बन रहा वरदान, योजना ने सीता देवी की बचायी जान

योजना अंतर्गत 15 लाख रूपये की मिली सहायता, बोन मैरो का हुआ सफल ट्रांसप्लान्ट

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गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 20 लाख रूपये तक की मिल रही सहायता

कोरबा /गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के ईलाज के लिए जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य शासन द्वारा लागू मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना वरदान साबित हो रहा है। इस योजना से कोरबा शहर के तुलसीनगर वार्ड में रहने वाली श्रीमती सीता देवी को नया जीवन मिल गया है। अप्लास्टिक एनीमिया की गंभीर बीमारी से जूझ रही सीता देवी को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 15 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है। शासन से मिले सहायता के फलस्वरूप सीता देवी का सफलतापूर्वक एलोजनिक बोन मैरो प्रत्यारोपण किया गया है। शासन की महत्वकांक्षी योजना से बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट के लिए मिली मदद से सीता देवी आज पूरी तरह से ठीक एवं स्वस्थ है। सीता देवी के पति सुभाष कुमार ने शासन की इस जीवन दायिनी योजना की प्रशंसा करते हुए बताया कि आखिरी उम्मीद के रूप में मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना से मेरी पत्नी की जान बच पायी है। उन्होने बताया कि आठ वर्ष से बीमारी से जूझ रही मेरी पत्नी के ईलाज में बहुत सारे पैसे खर्च हो गये थे। फिर भी उनकी तबीयत ठीक नही हो रही थी। चिकित्सकों ने आखरी उम्मीद के रूप में बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट करने का सलाह दिया। इस ईलाज में लगभग 15-20 लाख रूपये खर्च का अनुमान बताया गया। सुभाष कुमार ने बताया कि गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी पत्नी के ईलाज के लिए आखिरी उम्मीद के रूप में शासन के समक्ष मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना से ईलाज कराने के लिए आवेदन किया। शासन की ओर से संवेदनशीलता दिखाते हुए हफ्ते भर में ही ईलाज के लिए 15 लाख रूपये की स्वीकृति मिल गयी। जिसके फलस्वरूप सफलतापूर्वक बोन मैरो का ट्रांसप्लान्ट हो पाया।
सुभाष कुमार ने बताया कि उनकी पत्नि को वर्ष 2014 से कमजोरी और चक्कर आने की तकलीफ होने पर चिकित्सकों से सभी जॉच कराने पर प्लेटलेट की कमी बताते हुये तुरन्त भर्ती करने की सलाह दी गई। तब बिलासपुर के निजी हॉस्पिटल में 15 दिन तक भर्तीकर ईलाज कराया गया किन्तु इसके बाद भी कोई सुधार नही हुआ। तब चिकित्सकों की सलाह पर वर्ष 2016 में तमिलनाडु राज्य के निजी अस्पताल में ईलाज के लिये गये थे। वहां डॉक्टरो के द्वारा विस्तृत जॉच कर बताया गया कि सीता देवी को अप्लास्टिक एनिमिया की बीमारी है। जिसको बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट कराने पर ठीक होने का सलाह दिया गया एवं लगभग 15-20 लाख खर्च होना बताया गया। सुभाष कुमार अपनी आर्थिक स्थिति के कारण बिना ईलाज वापस घर आ गये। सीता देवी की स्थिति लगातार खराब होती गई वर्ष 2018 में नागपुर के निजी अस्पताल में भी ईलाज कराया जिसमें अत्याधिक राशि खर्च हो गई एवं स्वास्थ्य में कोई सुधार नही आया। वर्ष 2020 में सीता देवी की स्थिति अत्यन्त गंभीर होने पर डी.के.एस. हॉस्पिटल रायपुर में बताया गया कि शासन की योजना मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजनान्तर्गत ईलाज हो सकता है। सीता देवी को रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेन्टर में ईलाज के लिये भर्ती करवाया जिसमें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अर्न्तगत 15 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई। अक्टूबर महीने में सीता देवी का एलोजनिक बोन मैरो प्रत्यारोपण सर्जरी की गई। अब सीता देवी इस महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की मदद् से आज पुरी तरह से ठीक एवं स्वस्थ्य है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा जटिल और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय भार कम करने के लिये मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की गई है। जिसके अंतर्गत चिन्हित हितग्राही को अधिकतम 20 लाख रूपये तक के इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य पहला राज्य है जो अपने नागरिकों के लिए इतनी बड़ी राशि उपलब्ध करवा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य के भीतर एवं राज्य के बाहर पंजीकृत चिकित्सालय में उपचार करवानें पर सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के लाभ के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल किया जा सकता है अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के स्वास्थ्य बीमा योजना शाखा से भी संपर्क कर सकते है।

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