कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम महदवाडोड़ा के निवासी चैनूलाल ने पुलिस अधीक्षक कोरबा को लिखित शिकायत सौंपकर मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत लगाए गए सागौन के पौधों को कथित रूप से ट्रैक्टर से जुताई कर उखाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को राजसात करने की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, आवेदक ने मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत अपने निजी भूमि खसरा नंबर 464, रकबा 0.652 हेक्टेयर में वर्ष 2023 में सागौन एवं अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए थे। आवेदन में बताया गया है कि योजना के तहत बी-1 एवं पी-2 दस्तावेजों के आधार पर लगभग 700 सागौन के पौधे लगाए गए थे, जिनमें से करीब 500 पौधे जीवित थे।
आवेदक का आरोप है कि 15 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 3:10 बजे गोवर्धन सिंह कंवर, महेंद्र सिंह कंवर, चित्रसेन सिंह कंवर तथा आनंद भुवन सिंह कंवर ने कथित रूप से ट्रैक्टर लेकर खेत में प्रवेश किया और जुताई कर सागौन के पौधों को उखाड़ दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर आवेदक और उसके परिजनों के साथ गाली-गलौज की गई तथा ट्रैक्टर से कुचल देने की धमकी दी गई।
आवेदक ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल डायल-112 को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर संबंधित ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि यदि विवादित भूमि आरोपियों की निजी भूमि थी तो उन्हें राजस्व विभाग से सीमांकन कराना चाहिए था अथवा सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर ही कोई कार्रवाई करनी चाहिए थी। बिना अनुमति सरकारी योजना के अंतर्गत लगाए गए पौधों को नष्ट करने से शासन की योजना को नुकसान पहुंचा है।
आवेदक ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि देशभर में प्रधानमंत्री के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत लगाए गए पौधों को नष्ट करना शासन की मंशा के विपरीत है।
शिकायत के अंत में पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर क्रमांक CG-12-BT-1533 को राजसात करने की कार्रवाई की जाए।
आवेदन के साथ बी-1 एवं पी-2 की प्रतिलिपि, पौधारोपण के फोटोग्राफ तथा जुताई कर पौधे उखाड़े जाने के फोटोग्राफ भी संलग्न किए गए हैं।
नोट: यह समाचार शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष, या पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना उचित होगा।

